काशी में Gen-Z से बोले BJP अध्यक्ष नितिन नवीन- युवाओं को अल्फा, बीटा, गामा में नहीं बंटने देंगे, वाराणसी को IT हब बनाने का दिया भरोसा
वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को अपने दो दिवसीय काशी दौरे के दूसरे दिन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम में जेन-जी के युवाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और विकसित भारत के लक्ष्य पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को अलग-अलग पीढ़ियों और वर्गों में बांटने के बजाय उनकी प्रतिभा और क्षमता को पहचानने की जरूरत है।
कार्यक्रम से पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सुबह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद ताज होटल में विशिष्टजनों के साथ बनारसी कचौड़ी-जलेबी का स्वाद चखा। यहां से वह महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययनपीठ सभागार पहुंचे, जहां विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।
युवाओं को अल्फा, बीटा, गामा में नहीं बंटने देंगे
युवा संवाद कार्यक्रम में नितिन नवीन ने कहा कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश कैसे बनाया जाए, इसी उद्देश्य से वह युवाओं के बीच आए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सुझाव मांगते हुए कहा कि युवा पीढ़ी की सोच सुलझी हुई होती है और वह किसी व्यक्ति को देखकर अपनी राय नहीं बनाती, बल्कि मुद्दों को समझकर निर्णय लेती है।
उन्होंने युवाओं के वर्गीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर युवाओं को अलग-अलग श्रेणियों में क्यों बांटा जाए। युवा तो युवा हैं। उन्हें अल्फा, बीटा, गामा या किसी अन्य पीढ़ी के नाम पर बांटने के बजाय एक युवा भारत के रूप में देखना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि उनके सुझाव और समस्याएं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएंगी।
छात्रा ने पूछा- डिग्री के अलावा युवाओं के संपूर्ण विकास की क्या योजना?
संवाद के दौरान महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की तृतीय वर्ष की छात्रा सृष्टि दुबे ने उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब विकसित भारत की बात होती है, तो उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित क्यों रखा जाता है? उनके कौशल और संपूर्ण व्यक्तित्व विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के पास क्या योजनाएं हैं?
वहीं, एक अन्य छात्र ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य पर सवाल किया। छात्र ने पूछा कि जब देश को विकसित बनाना ही लक्ष्य है, तो इसके लिए 2047 तक का इंतजार क्यों किया जाए? क्या युवाओं की मानसिकता में बदलाव लाकर इस लक्ष्य को पहले हासिल नहीं किया जा सकता?
इन सवालों के जवाब में नितिन नवीन ने कहा कि देश के विकास के लिए पीढ़ियों के बीच होने वाले बदलाव को समझना जरूरी है। अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अपनी योजनाओं और संसाधनों के जरिए आर्थिक प्रगति की है। भारत भी दीर्घकालिक नीतियों और युवाओं की भागीदारी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
काशी को IT हब बनाने का सरकार को देंगे सुझाव
नितिन नवीन ने कहा कि देश में सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तर प्रदेश में नोएडा और लखनऊ जैसे शहर आईटी क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने वाराणसी में भी सूचना प्रौद्योगिकी और तकनीक आधारित रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को आईटी हब के रूप में विकसित करने के लिए सरकार को सुझाव दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और उन्हें नौकरी के लिए दूसरे बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनेंगे
स्टार्टअप और स्वरोजगार पर चर्चा करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि देश में करीब ढाई लाख स्टार्टअप हैं। उन्होंने युवाओं से नए विचारों को उद्यम में बदलने और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। भारत को एआई के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में काम करना होगा। युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाले बनें, यही विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और परंपरागत मूल्यों के बीच संतुलन बनाकर ही देश को वर्ष 2047 तक विकसित बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
शिक्षा व्यवस्था को रोजगार से जोड़ने पर जोर
नितिन नवीन ने शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जो केवल डिग्रीधारकों की संख्या न बढ़ाए, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप रोजगार और कौशल विकसित करे।
उन्होंने कहा कि युवाओं की मैनपावर को स्किल पावर में बदलना होगा। कानून, चिकित्सा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए आवश्यक है कि विद्यार्थी पढ़ाई के साथ व्यावहारिक ज्ञान और कौशल पर भी ध्यान दें।
उन्होंने युवाओं को जीवन में संघर्ष से पीछे नहीं हटने की सलाह दी। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली फर्जी और भ्रामक सूचनाओं से सावधान रहने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी भी वायरल सामग्री पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करनी चाहिए।
युवा वोट बैंक नहीं, देश की प्रगति का इंजन हैं: पंकज चौधरी
युवा संवाद कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल किसी राजनीतिक दल का वोट बैंक नहीं, बल्कि देश की प्रगति का इंजन हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति किसी भी पद पर रहे, उसका उद्देश्य समाज और राष्ट्र की सेवा करना होना चाहिए।
पंकज चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी के 'वी विल डू इट' मंत्र का जिक्र करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास के साथ देश के विकास में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, तकनीक और विकसित भारत के भविष्य से जुड़े कई सवाल उठाए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं के विचार सुने और उनके सुझावों को सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
