दालमण्डी में आज से फिर चलेगा बुलडोजर, दो दिन में गिराए जाएंगे 18 भवन
वाराणसी के दालमण्डी क्षेत्र में चौड़ीकरण परियोजना के तहत 30 और 31 मई को 18 भवनों पर ध्वस्तीकरण कार्रवाई होगी। प्रशासन ने मुनादी कर स्थानीय लोगों को अलर्ट किया है। परियोजना का उद्देश्य ट्रैफिक जाम कम करना और क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
वाराणसी : शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल दालमण्डी में चौड़ीकरण परियोजना को लेकर प्रशासन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। त्योहारों और गर्मी की छुट्टियों के कारण कुछ समय से रुकी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया अब दोबारा शुरू होने जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से इलाके में मुनादी कराकर लोगों को आगामी कार्रवाई की जानकारी दी गई।
प्रशासन के अनुसार, 30 और 31 मई 2026 को दालमण्डी चौड़ीकरण योजना के तहत पहले से अधिग्रहित और क्रय किए जा चुके भवनों को गिराया जाएगा। दोनों दिनों में दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा।
दो दिन में गिराए जाएंगे 18 भवन
जानकारी के मुताबिक, इस चरण में कुल 18 भवनों को जमींदोज किया जाना है। प्रशासन ने तय कार्यक्रम के अनुसार 30 मई को 5 भवनों पर कार्रवाई और 31 मई को 13 भवनों को गिराने की तैयारी की है। ध्वस्तीकरण को लेकर क्षेत्र में पहले से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न फैले।
मुनादी कर लोगों को किया गया अलर्ट
PWD और प्रशासनिक अधिकारियों ने मुनादी के जरिए संबंधित भवन स्वामियों और आसपास रहने वाले लोगों से सहयोग की अपील की है। लोगों से निर्धारित समय के दौरान क्षेत्र खाली रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है और सभी जरूरी औपचारिकताएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं।
ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने की तैयारी
दालमण्डी वाराणसी के सबसे अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में गिना जाता है। संकरी गलियों और बढ़ते वाहनों के दबाव के कारण यहां अक्सर लंबा जाम लगता है। प्रशासन का दावा है कि चौड़ीकरण परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में यातायात पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय कारोबार और आवागमन व्यवस्था में भी सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुछ लोगों में चिंता भी
हालांकि, परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कई लोग इसे शहर के विकास और ट्रैफिक सुधार के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ प्रभावित परिवारों ने अपने भवनों के ध्वस्तीकरण को लेकर चिंता जताई है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने और प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने का आश्वासन दिया है।
विकास परियोजना पर प्रशासन का फोकस
अधिकारियों का कहना है कि दालमण्डी चौड़ीकरण परियोजना सिर्फ सड़क चौड़ी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुराने शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक जरूरतों के मुताबिक विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
