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काशी में 15 एकड़ जमीन के लिए चंद्रबाबू नायडू ने CM योगी से लगाई गुहार, जानें क्या है बड़ा प्लान
 

 
 काशी में 15 एकड़ जमीन के लिए चंद्रबाबू नायडू ने CM योगी से लगाई गुहार, जानें क्या है बड़ा प्लान
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वाराणसी। काशी और दक्षिण भारत के बीच सदियों पुराने धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आंध्र प्रदेश सरकार ने बड़ी पहल की है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर वाराणसी में करीब 15 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्रस्ताव के मुताबिक गंगा किनारे दक्षिण भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के अध्ययन, प्रचार-प्रसार और धार्मिक गतिविधियों के लिए एक भव्य परिसर विकसित किया जाएगा।

आंध्र प्रदेश सरकार की योजना काशी आने वाले दक्षिण भारत के श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने की है। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्राचीन भारतीय गुरुकुल परंपरा की झलक भी देखने को मिलेगी।

गंगा किनारे बनेगा भव्य आध्यात्मिक परिसर

प्रस्ताव के तहत गंगा के तट पर विशाल परिसर विकसित करने की योजना है। इसमें गुरुकुल पद्धति पर आधारित आश्रम, भव्य मंदिर परिसर, श्रद्धालुओं के लिए आवासीय सुविधा, अतिथि गृह, भोजशाला, अन्न क्षेत्र और हवन-यज्ञशाला समेत कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा परिसर में गोशाला बनाए जाने की भी योजना है। इस तरह यह स्थान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं के अध्ययन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में विकसित किया जाएगा।

योगी सरकार ने जिला प्रशासन से मांगी रिपोर्ट

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के पत्र का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी जिला प्रशासन को उपयुक्त जमीन की तलाश करने और उसकी उपलब्धता को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने गंगा किनारे करीब 15 एकड़ उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी है। वाराणसी की तीनों तहसीलों को अपनी-अपनी सीमाओं में उपलब्ध जमीन का मूल्यांकन करने और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

एक सप्ताह में शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट

जिला प्रशासन के मुताबिक जमीन की उपलब्धता को लेकर रिपोर्ट करीब एक सप्ताह के भीतर शासन को भेजे जाने की तैयारी है। जमीन चिह्नित होने और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर अगला कदम उठाया जाएगा।

इस परिसर के बनने से दक्षिण भारत से काशी आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने और धार्मिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही काशी आने वाले उत्तर भारत के श्रद्धालुओं को भी एक ही स्थान पर दक्षिण भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

प्रस्तावित परिसर में क्या-क्या बनाने की योजना?

  • प्राचीन गुरुकुल पद्धति पर आधारित आश्रम
  • भव्य मंदिर परिसर
  • श्रद्धालुओं के लिए आवासीय परिसर
  • हवन और यज्ञशाला
  • प्रसाद कक्ष और अन्न क्षेत्र
  • गोशाला
  • अतिथि गृह और अन्य आधुनिक सुविधाएं

जिला प्रशासन फिलहाल जमीन की उपलब्धता और दस्तावेजों की जांच में जुटा है। अभी तक किसी जमीन को अंतिम रूप से चिह्नित नहीं किया गया है।

सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी वाराणसी ने बताया कि शासन की ओर से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के पत्र का हवाला देते हुए गंगा किनारे 15 एकड़ जमीन की उपलब्धता को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। तहसीलों के दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। अभी जमीन चिह्नित नहीं हुई है।