चीन को उसी की धरती पर दी पटखनी! काशी के सूरज यादव ने लहराया तिरंगा, भारत को दिलाया कांस्य पदक
वाराणसी। काशी के अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी और उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक (एसआई) सूरज यादव ने चीन की धरती शंघाई में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का गौरव बढ़ाया है। शंघाई को ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) वुशु सांडा टूर्नामेंट के 70 किलोग्राम भार वर्ग में सूरज ने मेजबान चीन के खिलाड़ी को मात देकर कांस्य पदक अपने नाम किया। जीत के बाद पदक वितरण समारोह में उन्होंने पोडियम पर तिरंगा लहराकर देश का मान बढ़ाया।
कांस्य पदक जीतने पर सूरज यादव को 40 हजार रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। वाराणसी के परेड कोठी निवासी सूरज वर्तमान में उत्तर प्रदेश पुलिस में एसआई हैं और उनकी तैनाती प्रयागराज में है।
जापान में एशियन गेम्स पर नजर
सूरज यादव का चयन इसी महीने जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भी हो चुका है, जिसका आयोजन अक्टूबर में होगा। उन्होंने कहा कि जब तक वुशु को ओलंपिक में शामिल नहीं किया जाता, तब तक एशियन गेम्स में पदक जीतना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य रहेगा।
उन्होंने बताया कि अब शंघाई से बीजिंग जाकर एक महीने तक विशेष प्रशिक्षण लेंगे। इसके बाद अगस्त में भारत में राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेंगे, जबकि वाराणसी में भी अभ्यास जारी रहेगा। सितंबर में वह एशियन गेम्स के लिए जापान रवाना होंगे।
पहले भी जीत चुके हैं कई अंतरराष्ट्रीय पदक
सूरज यादव का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने 2023 और 2025 की मॉस्को इंटरनेशनल वुशु चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, 2023 एशियन गेम्स में वह पदक के बेहद करीब पहुंचकर पांचवें स्थान पर रहे थे।
उन्होंने बताया कि उस समय घुटने की गंभीर चोट के कारण उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ था। दो बड़ी सर्जरी और लंबे पुनर्वास के बाद उन्होंने दोबारा रिंग में वापसी की और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से अपनी पहचान बनाई है।
कोचों का रहा अहम योगदान
सूरज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच कुलदीप (कश्मीर) और अमित पाल (मेरठ) को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और लगातार मेहनत की बदौलत वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
काशी में तैयार होंगे नए वुशु सितारे
सूरज यादव का कहना है कि फिलहाल काशी में वुशु खिलाड़ियों की संख्या कम है, लेकिन अगले एक वर्ष में यहां के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतते नजर आएंगे। उन्होंने बताया कि शहर की दो वुशु अकादमियां लगातार खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही हैं, जिससे आने वाले समय में काशी वुशु का नया केंद्र बन सकता है।
