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स्लो पॉइजन से सपा नेता संदीप सिंह स्वर्णकार की हत्या की साजिश? मुंबई में हुआ खुलासा, पत्नी की शिकायत पर FIR दर्ज

वाराणसी के सपा नेता संदीप सिंह स्वर्णकार को कथित तौर पर थैलियम जहर देकर मारने की कोशिश का मामला सामने आया है। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुंबई के अस्पताल में जांच के बाद शरीर में थैलियम की पुष्टि होने का दावा किया गया है।

 
सपा नेता संदीप सिंह स्वर्णकार
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वाराणसी: समाजवादी पार्टी के नेता और अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले संदीप सिंह स्वर्णकार को कथित तौर पर थैलियम जहर देकर मारने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उनकी पत्नी खुशबू सिंह की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पत्नी का आरोप- थैलियम जहर देकर हत्या की कोशिश

खुशबू सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके पति को सुनियोजित साजिश के तहत थैलियम जहर दिया गया। उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल जाने के दौरान संदीप सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद कई अस्पतालों में इलाज चला।

मुंबई के अस्पताल में हुआ खुलासा

परिवार के मुताबिक, गुरुग्राम और दिल्ली में इलाज के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो 27 मार्च 2025 को संदीप सिंह को एयर एंबुलेंस से मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उनके शरीर में थैलियम जहर की पुष्टि की।

कई शहरों में चला इलाज

संदीप सिंह का इलाज मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम, मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली और बाद में मुंबई में हुआ। शुरुआती जांच में उन्हें Guillain-Barre Syndrome (GBS) बताया गया था, लेकिन बाद की मेडिकल जांच में जहर की आशंका सामने आई।

कारोबारी और सपा के सक्रिय नेता हैं संदीप

संदीप सिंह समाजवादी छात्र सभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं। वे एसएसएस इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड और शिव इंटरप्राइजेज नामक दो ट्रांसपोर्ट कंपनियों का संचालन भी करते हैं।

पुलिस ने दर्ज किया केस

कोतवाली थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह ने बताया कि खुशबू सिंह की तहरीर के आधार पर बीएनएस धारा 109(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।

क्या है थैलियम?

थैलियम एक बेहद खतरनाक स्लो पॉइजन माना जाता है, जिसका स्वाद या रंग आसानी से पहचान में नहीं आता। यह धीरे-धीरे नर्वस सिस्टम, मांसपेशियों और आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचाता है और लंबे समय तक सेवन से जानलेवा साबित हो सकता है।