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काशी विश्वनाथ मंदिर में ऐप से दर्शन पर बवाल! कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस से तीखी नोकझोंक

काशी विश्वनाथ मंदिर में ऐप आधारित नई दर्शन प्रणाली के खिलाफ कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। पदयात्रा से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, जिससे नोकझोंक हुई। कांग्रेस ने व्यवस्था को तत्काल बंद करने और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। मामला बढ़ने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

 
काशी विश्वनाथ मंदिर
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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर में लागू की गई ऐप आधारित नई दर्शन व्यवस्था को लेकर रविवार को सियासी माहौल गरमा गया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसे लेकर शहर में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली।

पदयात्रा से पहले ही पुलिस ने रोका रास्ता

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले अपने महानगर कार्यालय पर बैठक कर विरोध की रणनीति बनाई और मंदिर तक पदयात्रा निकालने की तैयारी की। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ता बंद कर दिया। जैसे ही कार्यकर्ता बाहर निकलने लगे, उन्हें रोक दिया गया, जिससे मौके पर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

बैरिकेडिंग के बीच बढ़ा तनाव, नहीं निकल पाई पदयात्रा

काफी देर तक चले विरोध और बहस के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पार नहीं कर सके। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और हालात को काबू में रखा गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

आस्था के साथ खिलवाड़- कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने नई ऐप आधारित व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली श्रद्धालुओं की आस्था को सीमित करने का प्रयास है और इससे भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उनका आरोप था कि प्रशासन मनमाने तरीके से फैसले लेकर धार्मिक परंपराओं को प्रभावित कर रहा है।

अधिकारियों पर सीधे आरोप, हटाने की मांग

कांग्रेस नेताओं ने मंदिर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए विश्वभूषण और शंभूशरण को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मंदिर को “प्रयोगशाला” बनाया जा रहा है और तत्काल प्रभाव से दोनों अधिकारियों को हटाया जाना चाहिए।

प्रशासन हरकत में, मौके पर पहुंचे अधिकारी

स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और मंदिर से जुड़े एसडीएम को मौके पर बुलाया गया। कांग्रेस नेताओं ने उनसे मिलकर ऐप आधारित दर्शन प्रणाली को तत्काल बंद करने और काशीवासियों के लिए सहज व पारंपरिक व्यवस्था बहाल करने की मांग रखी।

विवाद अभी थमा नहीं, आगे क्या?

फिलहाल मामला शांत जरूर हुआ है, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ है। कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं, प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखी जा रही है।