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दुष्कर्म केस में कोर्ट सख्त: कुर्की आदेश का पालन न करने पर शिवपुर थानाध्यक्ष तलब, मांगा जवाब

वाराणसी के चर्चित दुष्कर्म मामले में आरोपियों के खिलाफ जारी कुर्की आदेश का पालन न होने पर अदालत ने शिवपुर थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर 1 जुलाई को तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में लापरवाही क्यों बरती गई।

 
शिवपुर थानाध्यक्ष तलब
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वाराणसी: दुष्कर्म के मामले में आरोपियों के खिलाफ जारी कुर्की आदेश का पालन न किए जाने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी-14 तरुण कुमार सिंह की अदालत ने शिवपुर थानाध्यक्ष को नोटिस जारी करते हुए 1 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी पूछा है कि न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में लापरवाही क्यों बरती गई और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई क्यों न की जाए।

अदालत के आदेश के बावजूद नहीं हुई कुर्की

अभियोजन पक्ष के अनुसार चितईपुर क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने अदालत के आदेश पर वर्ष 2024 में शिवपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपियों के खिलाफ पहले उद्घोषणा जारी की थी। इसके बाद भी आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई का आदेश दिया गया।

हालांकि अदालत के आदेश के बावजूद अब तक कुर्की की कार्रवाई नहीं की गई। इसी पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने शिवपुर थानाध्यक्ष को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

पीड़िता ने लगाए थे गंभीर आरोप

पीड़िता का आरोप है कि कोरोना काल में उसके पिता की मृत्यु के बाद पिता के करीबी संजय कुमार और उनकी पत्नी उसे अपने घर ले गए थे। उसी घर में उनके पुत्र निशांत सिंह उर्फ शिवम और शीतांशु सिंह भी रहते थे।

पीड़िता के अनुसार 27 मई 2021 को निशांत सिंह ने उसके चेहरे पर स्प्रे कर उसे बेहोश किया और दुष्कर्म किया। आरोप है कि घटना की तस्वीरें लेकर उसे वायरल करने की धमकी दी गई और लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया गया।

पीड़िता का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो परिवार के लोगों ने शादी कराने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में निशांत सिंह को नौकरी के लिए पुणे भेज दिया गया। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में निशांत के छोटे भाई शीतांशु सिंह ने भी उसके साथ गलत कार्य किया।

पुलिस ने लगाई थी फाइनल रिपोर्ट

पीड़िता ने स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन विवेचना के दौरान पुलिस ने सभी आरोपियों को क्लीन चिट देते हुए अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी।

इसके बाद पीड़िता ने अदालत में प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए और निशांत सिंह उर्फ शिवम तथा शीतांशु सिंह को तलब किया।

अग्रिम जमानत भी हुई खारिज

मामले में दोनों आरोपियों ने अग्रिम जमानत की कोशिश की, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ उद्घोषणा जारी की और फिर कुर्की के आदेश दिए।

अब अदालत ने कुर्की आदेश का पालन न होने को गंभीर मानते हुए शिवपुर थानाध्यक्ष को तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी, जहां अदालत पुलिस की कार्रवाई और जवाब पर विचार करेगी।