Cyber Fraud : दोस्ती के जाल में फंसा इंजीनियरिंग छात्र, साइबर ठगी के नाम पर गंवाए 1.6 लाख रुपये
Cyber Fraud : वाराणसी के मंडुआडीह इलाके में रहने वाले एक सिविल इंजीनियरिंग के छात्र प्रिंस सोनकर से दोस्ती कर ठगी (Cyber Fraud) करने का मामला सामने आया है। छात्र ने आरोप लगाया है कि दोस्ती के भरोसे पर उससे करीब 1.6 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। इस मामले में पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से शिकायत की है, जिसके बाद जांच की जिम्मेदारी मंडुआडीह थाने को सौंपी गई है।
Cyber Fraud : ऐसे शुरू हुई दोस्ती और ठगी की कहानी
प्रिंस सोनकर डेढ़ साल पहले लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में रहकर सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कर रहा था। वहीं एक साइबर कैफे में उसकी मुलाकात शाहरुख अली नाम के युवक से हुई, जो वहां काम करता था। बातचीत के दौरान शाहरुख ने खुद को एक पुलिस दरोगा का बेटा बताया और गेमिंग ऐप्स के जरिए पैसा कमाने का लालच दिया। प्रिंस ने दोस्त की बातों में आकर ऑनलाइन गेमिंग में 50 हजार रुपये लगाए। लेकिन पैसे न दिखने पर जब उसने संबंधित साइट से संपर्क किया तो बार-बार अलग-अलग चार्जेस के नाम पर पैसे मांगे गए। इस पर प्रिंस ने शाहरुख से मदद मांगी, जिसने उसे भरोसा दिलाया कि उसके ‘क्राइम ब्रांच में अंकल’ हैं और वह मदद करवा देगा।
साइबर फ्रॉड की आड़ में उड़ाए हजारों रुपये
शाहरुख ने तमिलनाडु जाकर साइबर ठगों को पकड़वाने का झांसा देकर फ्लाइट टिकट, होटल खर्च और अन्य बहानों से 14 मई से 19 मई के बीच कुल 56 हजार रुपये अलग से वसूल लिए। प्रिंस को झांसा देने के लिए फर्जी पेटीएम रसीद तक भेजी गई, जिसमें 1 लाख रुपये ट्रांसफर होने का दावा था, लेकिन खाते में कोई पैसा नहीं आया।
अब फिर मांगे 10 हजार रुपये
पीड़ित ने बताया कि 31 मई की सुबह शाहरुख ने फिर से उससे 10 हजार रुपये की मांग की और कहा कि "अगर डोज भेजोगे तो चेन्नई से अधिकारी आकर तुम्हारे पैसे लौटा देंगे"।
