दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट: जर्जर घोषित 22 मकानों पर आज चलेगा बुलडोजर, 500 जवान तैनात
वाराणसी के दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को 22 जर्जर मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी। इलाके में 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अब तक 60 मकान तोड़े जा चुके हैं। पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 650 मीटर सड़क को 60 फुट चौड़ा किया जाएगा।
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट दालमंडी चौड़ीकरण अभियान ने अब तेज गति पकड़ ली है। परियोजना के तहत शुक्रवार को दालमंडी क्षेत्र में 22 जर्जर मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। संभावित विरोध और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सिविल पुलिस, आरआरएफ और पीएसी समेत करीब 500 जवान मौके पर तैनात किए गए हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग लगातार इस प्रोजेक्ट को समयसीमा के भीतर पूरा करने में जुटा हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जून के अंतिम सप्ताह तक फेंसिंग का कार्य पूरा कर परियोजना कार्यदायी संस्था को सौंप दी जाएगी।
22 भवनों पर आज होगी कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि नगर निगम ने संबंधित भवनों को 15 दिन पहले जर्जर घोषित करते हुए नोटिस जारी की थी। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
नगर निगम की सूची में शामिल जिन भवनों पर कार्रवाई होनी है, उनमें CK 39/70, CK 43/114, CK 67/29, D 50/250 समेत कुल 22 भवन शामिल हैं। विभाग का कहना है कि सभी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है।
अब तक 60 मकान किए जा चुके हैं ध्वस्त
दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के तहत अब तक 60 मकानों को जमींदोज किया जा चुका है, जबकि करीब 45 भवनों में ध्वस्तीकरण का कार्य जारी है। इनमें दो वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक कुल 181 भवन इस परियोजना की जद में आए हैं और लगभग 60 प्रतिशत भवनों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। पीडब्ल्यूडी का लक्ष्य मई के अंतिम सप्ताह तक अधिकांश ध्वस्तीकरण कार्य पूरा करने का है।
फरवरी में भी चला था बुलडोजर
इससे पहले फरवरी माह में भी 23 जर्जर मकानों को एक दिन में तोड़ा गया था। उस समय कई स्थानीय लोगों ने विरोध जताते हुए दावा किया था कि उनके मकान जर्जर नहीं थे और बिना पर्याप्त सूचना के कार्रवाई की गई। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी नोटिस नियमानुसार जारी किए गए थे और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए 500 जवान तैनात
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि दालमंडी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इलाके में सिविल पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के कुल 500 जवान तैनात किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न फैल सके।
क्या है दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट?
वाराणसी की ऐतिहासिक और बेहद संकरी दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। परियोजना के लिए राज्य सरकार ने करीब 215.88 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रभावित भवन मालिकों को लगभग 191 करोड़ रुपये मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है।
60 फुट चौड़ी होगी सड़क
नई सड़क से चौक थाने तक करीब 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाएगा। इसमें 30 फुट सड़क और दोनों ओर 15-15 फुट चौड़ी पटरी बनाई जाएगी। बिजली, पानी और सीवर लाइन को भूमिगत किया जाएगा ताकि क्षेत्र को आधुनिक स्वरूप दिया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
