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कालभैरव मंदिर में गुजरात से आए श्रद्धालुओं से मारपीट, महिलाओं से भी दुर्व्यवहार का आरोप

वाराणसी के कालभैरव मंदिर में गुजरात से आए श्रद्धालुओं के साथ मारपीट और महिलाओं से दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। वीडियो बनाने पर आरोपियों ने मोबाइल छीनकर हमला किया। पीड़ित परिवार ने कोतवाली थाने में FIR दर्ज कराई है। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान में जुटी है।

 
 कालभैरव मंदिर
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वाराणसी: कोतवाली थाना अंतर्गत कालभैरव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे गुजरात के श्रद्धालुओं के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंदिर परिसर में कुछ युवकों ने श्रद्धालु परिवार के साथ हाथापाई की, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की और महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। पीड़ित परिवार ने कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

दर्शन के दौरान परिवार को अलग करने पर शुरू हुआ विवाद

गुजरात के नवसारी स्थित रवि पार्क सोसायटी निवासी मुकेश भाई पटेल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह शनिवार दोपहर परिवार के साथ कालभैरव मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर के निकास द्वार के पास लंबी लाइन लगी हुई थी।

इसी दौरान तीन-चार युवक वहां पहुंचे और बैरिकेडिंग बंद कर दी। इससे उनका परिवार अलग-अलग हिस्सों में बंट गया। उनकी मां बैरिकेडिंग के अंदर रह गईं, जबकि पिता और भाई बाहर छूट गए। पीड़ित के अनुसार, उनके पिता ने युवकों से पूरे परिवार को एक साथ जाने देने की बात कही। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।

गला दबाने और पिटाई का आरोप

मुकेश पटेल का आरोप है कि विवाद के दौरान युवकों ने उनके पिता का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। जब उन्होंने इसका विरोध करते हुए मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू की, तो आरोपियों ने मोबाइल छीन लिया और उनकी पिटाई कर दी। मारपीट में मुकेश के दाहिने पैर में चोट आई। वहीं उनकी मां के साथ भी अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है।

पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप

पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के समय कालभैरव चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। आरोप है कि पूरी घटना के दौरान पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और आरोपियों को रोकने की कोशिश नहीं की। घटना के बाद आरोपी गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश

मामले में कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मंदिर परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। इस मामले पर डीसीपी गौरव बंसवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

कालभैरव मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से दुर्व्यवहार और कथित वसूली के आरोप पहले भी लग चुके हैं। 10 मई को दिल्ली की युवती प्रज्ञा गर्ग ने भी फूल-प्रसाद बेचने वालों पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया था।

युवती का कहना था कि शिकायत के बाद पुलिस ने उन्हें कई घंटे थाने में बैठाए रखा, जबकि आरोपी पक्ष को अलग सुविधा दी गई। बाद में उन्होंने एडीसीपी महिला अपराध से शिकायत की थी।