काशी विश्वनाथ धाम और घाटों पर लगेंगे डिजिटल लगेज लॉकर, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा में आस्था की डुबकी लगाने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब अपने सामान की चिंता खत्म होने जा रही है। योगी सरकार मंदिर और आसपास के घाट क्षेत्रों में डिजिटल लगेज लॉकर की सुविधा शुरू करने जा रही है, जिससे यात्री अपने कीमती सामान सुरक्षित रख सकेंगे।
इस नई व्यवस्था के तहत मोबाइल फोन से लेकर सूटकेस तक डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रखे जा सकेंगे। इन लॉकरों का उपयोग डिजिटल पेमेंट के माध्यम से किया जा सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान और आधुनिक होगी।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दशाश्वमेध घाट के पास दशाश्वमेध प्लाजा, गोदौलिया, टाउन हॉल और बेनियाबाग पार्किंग में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कुल 225 डिजिटल लॉकर लगाए जाएंगे, जिनमें छोटे, मध्यम, बड़े और एक्स्ट्रा लार्ज आकार के लॉकर शामिल होंगे।
इन लॉकरों में मोबाइल, छोटे बैग, बड़े बैग और यहां तक कि दो सूटकेस तक रखने की सुविधा होगी। इस पहल से काशी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब वे बिना किसी चिंता के घाटों पर भ्रमण और मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे।
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन और गंगा में आस्था की डुबकी लगाने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब अपने सामान की चिंता खत्म होने जा रही है। योगी सरकार मंदिर और आसपास के घाट क्षेत्रों में डिजिटल लगेज लॉकर की सुविधा शुरू करने जा रही है, जिससे यात्री अपने कीमती सामान सुरक्षित रख सकेंगे।
इस नई व्यवस्था के तहत मोबाइल फोन से लेकर सूटकेस तक डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रखे जा सकेंगे। इन लॉकरों का उपयोग डिजिटल पेमेंट के माध्यम से किया जा सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया आसान और आधुनिक होगी।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दशाश्वमेध घाट के पास दशाश्वमेध प्लाजा, गोदौलिया, टाउन हॉल और बेनियाबाग पार्किंग में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कुल 225 डिजिटल लॉकर लगाए जाएंगे, जिनमें छोटे, मध्यम, बड़े और एक्स्ट्रा लार्ज आकार के लॉकर शामिल होंगे।
इन लॉकरों में मोबाइल, छोटे बैग, बड़े बैग और यहां तक कि दो सूटकेस तक रखने की सुविधा होगी। इस पहल से काशी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब वे बिना किसी चिंता के घाटों पर भ्रमण और मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे।
