समावेशी शिक्षा पर काशी विद्यापीठ में मंथन, संविधान और नई शिक्षा नीति पर चर्चा
Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र द्वारा आयोजित रिफ्रेशर कोर्स में शुक्रवार को समावेशी शिक्षा विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस सत्र में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शिक्षाशास्त्र विभाग की प्रोफेसर रुचि दुबे ने समावेशी शिक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधानों, चुनौतियों और उन्हें दूर करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
व्याख्यान के दौरान प्रो. रुचि दुबे ने भारत के संविधान के विभिन्न अनुच्छेदों, आयोगों, वर्ष 1992 की कार्य योजना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारतीय पुनर्वास परिषद अधिनियम, दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों को समावेशी शिक्षा के संदर्भ में समझाया।
उन्होंने कहा कि एक सशक्त और सफल कक्षा के निर्माण के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना, शिक्षकों को प्रशिक्षित करना, लचीले और छात्र-केंद्रित पाठ्यक्रम तैयार करना तथा सुलभ बुनियादी ढांचे का विकास करना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक प्रो. रमाकांत सिंह ने अतिथि का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोजेक्ट असिस्टेंट डॉ. विनय सिंह ने किया, जबकि तकनीकी सहयोग सरस्वती, दीपशिखा और अनुपम मिश्रा ने प्रदान किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नम्रता देव महार ने किया।
