सेवा भारती के ‘सेवा संवाद’ में डॉ. कृष्ण गोपाल का संदेश, बोले- वंचित वर्गों को आगे बढ़ाना पूरे समाज की जिम्मेदारी
Varanasi : सेवा भारती समिति काशी प्रांत की ओर से गुरुवार को लोहता स्थित माधव सेवा प्रकल्प में ‘सेवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया और उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपना परिचय दिया।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित पोस्टर का विमोचन किया गया। साथ ही परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा कार्यों से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच संवाद स्थापित करना, सेवा कार्यों की प्रभावशीलता बढ़ाना और समाज के वंचित वर्गों तक पहुंच को और व्यापक बनाना रहा।

सेवा बस्तियों में जाकर काम करने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए काशी प्रांत के प्रान्त प्रचारक रमेश ने कहा कि शुरुआत में सेवा बस्तियों में छोटे-छोटे सेवा प्रकल्प संचालित किए गए। समय के साथ यह अनुभव सामने आया कि प्रांत में ऐसा बड़ा सेवा प्रकल्प होना चाहिए जो रोल मॉडल के रूप में विकसित हो और जहां सेवा के विभिन्न आयामों पर एक साथ काम किया जा सके।
उन्होंने बताया कि इसी विचार के तहत काशी महानगर के कई कार्यकर्ताओं ने मिलकर बड़े भूखंड पर एक व्यापक सेवा प्रकल्प विकसित करने का निर्णय लिया। इसमें बी.पी. अग्रवाल, स्वर्गीय बद्रीनाथ चरसिया, मनोज बरनवाल, सीमा नन्नी, विश्वनाथ वर्मा समेत कई कार्यकर्ताओं का योगदान रहा।
37 वर्षों में देशभर में सवा लाख से अधिक सेवा कार्य
सेवा भारती के कार्यों और विस्तार पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि डॉक्टर हेडगेवार की जन्म शताब्दी वर्ष 1989 के दौरान देशभर में समाज के पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों के लिए व्यवस्थित सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने पर विचार हुआ। इसके बाद विभिन्न प्रांतों में सेवा भारती के माध्यम से सेवा कार्यों को संगठित स्वरूप मिला।
उन्होंने कहा कि सेवा भारती के गठन को करीब 37 वर्ष हो चुके हैं और देशभर में सेवा कार्यों की संख्या सवा लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाएं अपनी जगह चलती रहेंगी, लेकिन समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी पूरे समाज की भी है।

काशी प्रांत में 321 स्थानों पर चल रहे सेवा कार्य
डॉ. कृष्ण गोपाल ने काशी प्रांत में संचालित सेवा गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां सेवा कार्यों को मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक जागरण जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा से जुड़े 209 केंद्र, स्वावलंबन एवं आजीविका से संबंधित 64 केंद्र तथा सामाजिक जागरण, बालिका विकास, परिवार परामर्श और वाचनालय आदि से जुड़े 28 केंद्र संचालित हो रहे हैं। इस तरह काशी प्रांत में कुल 321 स्थानों पर सेवा कार्य चल रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति का किया उल्लेख
अपने संबोधन में डॉ. कृष्ण गोपाल ने स्वतंत्रता के बाद भारत में शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में साक्षरता दर, मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा तथा विश्वविद्यालयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे और आवासीय बुनियादी ढांचे में भी तेजी से विकास हुआ है।
उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के साथ यह भी आवश्यक है कि समाज के कमजोर और वंचित वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़े रहें। सेवा कार्य इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
एनीमिया और कुपोषण के खिलाफ जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम में महिलाओं में एनीमिया और बच्चों में कुपोषण की समस्या को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसी उद्देश्य से ‘पोषण सप्ताह’ पोस्टर का विमोचन किया गया। सेवा बस्तियों में स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को और प्रभावी ढंग से संचालित करने की बात कही गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल सिंह (अध्यक्ष, सेवा भारती समिति काशी प्रांत) ने सेवा कार्यों से जुड़े कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सेवा बस्तियों में जाकर सेवा कैसे की जाए, सेवा कार्य क्यों और किस उद्देश्य से किए जाएं, इस दिशा में कार्यक्रम के माध्यम से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिला।
उन्होंने सेवा भारती से जुड़े चिकित्सकों और अन्य कार्यकर्ताओं के योगदान का भी उल्लेख किया तथा कहा कि बड़ी संख्या में स्वयंसेवक लगातार सेवा गतिविधियों में अपना समय और श्रम दे रहे हैं।

कार्यक्रम में डॉ. आर.के. ओझा (अध्यक्ष महामना छात्रावास), अभय सिंह (संरक्षक सेवा भारती समिति काशी प्रांत), क्षेत्र प्रमुख युद्धवीर, प्रान्त प्रचारक रमेश, प्रान्त प्रचारक पवन, राकेश (छात्रावास प्रमुख), अशोक (छात्रावास अधीक्षक), नितिन मल्होत्रा (इंजीनियर एवं उद्यमी तथा अध्यक्ष, BHU-IIT Alumni), CA सुशील बाजपेयी और नेत्र चिकित्सक डॉ. अनिल तिवारी समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
