काशी विद्यापीठ की डॉ वंदना पाण्डेय को भारतीय पेटेंट, डिजिटल सिस्टम से बदलेगा ग्रामीण युवाओं का भविष्य
Varanasi : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग की डॉ. वंदना पाण्डेय ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। डॉ. वंदना पाण्डेय एवं उनकी सहायक टीम को ग्रामीण युवाओं के सशक्तिकरण से जुड़े एक नवाचार के लिए भारतीय उपयोगिता पेटेंट प्रदान किया गया है। यह पेटेंट भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कंट्रोलर जनरल ऑफ पेटेंट्स, डिज़ाइन्स एंड ट्रेडमार्क्स द्वारा स्वीकृत किया गया है।
प्राप्त पेटेंट का विषय “सामुदायिक कौशल एवं संसाधन मानचित्रण के माध्यम से ग्रामीण युवाओं के सशक्तिकरण हेतु एकीकृत डिजिटल प्रणाली तथा उससे संबंधित विधि” है। यह नवाचार ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के कौशल, स्थानीय संसाधनों तथा प्रशिक्षण आवश्यकताओं का डिजिटल माध्यम से विश्लेषण और मानचित्रण करता है। इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व फरवरी 2025 में भी डॉ. वंदना पाण्डेय को यू.के. डिज़ाइन पेटेंट ग्रांट प्राप्त हो चुका है। यह उपलब्धि उनके शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर योगदान को दर्शाती है।
इस सफलता पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा तथा हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रजनीश कुंवर ने डॉ. वंदना पाण्डेय को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
