वाराणसी और लखनऊ में पेयजल-सीवरेज व्यवस्था होगी मजबूत, 2,941 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी
वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वाराणसी और लखनऊ में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अटल नवीकरण और शहरी रूपांतरण मिशन (अमृत 2.0) के तहत दोनों शहरों में पेयजल और सीवरेज से जुड़ी सात परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 2,941.45 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कैबिनेट बैठक के बाद इसकी जानकारी दी। स्वीकृत परियोजनाओं में पेयजल व्यवस्था के विस्तार के लिए चार परियोजनाओं पर 947.45 करोड़ रुपये और सीवरेज व्यवस्था के लिए तीन परियोजनाओं पर 1,994 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनका उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में पेयजल और सीवरेज सुविधाओं का विस्तार कर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करना है।
लखनऊ के इन इलाकों को मिलेगा लाभ
लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था के विस्तार के लिए हैदरगंज और आलमनगर के केसरीखेड़ा वार्ड से जुड़ी परियोजना को मंजूरी मिली है। इस परियोजना से लगभग 1.56 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है। काम पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था का शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वाराणसी में पेयजल की तीन परियोजनाएं
वाराणसी में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। पहली परियोजना नवविस्तारित लहरतारा जोन के सिस वरुणा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था के विस्तार और सुधार से जुड़ी है। इससे लगभग 2.18 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
दूसरी परियोजना पुराना ट्रांस वरुणा क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था के विस्तार और सुदृढ़ीकरण से संबंधित है। इसके तहत 13 वार्डों की लगभग 4.15 लाख आबादी को लाभ मिलेगा।
वहीं, तीसरी परियोजना नवविस्तारित क्षेत्र में सिस वरुणा जलापूर्ति योजना के चितईपुर क्षेत्र से जुड़ी है। इसके पूरा होने पर सात वार्डों की लगभग 1.89 लाख आबादी को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
सीवरेज व्यवस्था के लिए भी तीन परियोजनाएं
वाराणसी में सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। पुराना ट्रांस वरुणा जोन की परियोजना से लगभग 4.05 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।
इसके अलावा नवविस्तारित लहरतारा जोन के सिस वरुणा क्षेत्र के आठ वार्डों की करीब 2.04 लाख आबादी और नवविस्तारित चितईपुर जोन के 10 वार्डों की लगभग 2.23 लाख आबादी को सीवरेज सुविधा से जोड़ने की योजना है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था का शत-प्रतिशत कवरेज हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत परियोजनाएं लखनऊ और वाराणसी के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। इससे नागरिकों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने, सीवरेज व्यवस्था का विस्तार करने और शहरों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
इन परियोजनाओं के माध्यम से दोनों शहरों में तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और नागरिक सुविधाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
