Movie prime

कोडीन कफ सिरप माफिया पर बड़ा एक्शन: शुभम जायसवाल और महेश सिंह पर 25-25 हजार का इनाम, संपत्ति होगी कुर्क

वाराणसी के कोडीनयुक्त कफ सिरप रैकेट पर बड़ा खुलासा होने के बाद ED ने 500 करोड़ रुपये की मनी-लॉन्ड्रिंग जांच शुरू कर दी है। सरगना शुभम जायसवाल और उसके नेटवर्क के ठिकानों की तलाश जारी है। SIT, STF और FSDA पहले ही दर्जनों फर्मों पर कार्रवाई कर चुकी हैं।

 
कोडीन कफ सिरप माफिया
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी: वाराणसी पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप सिंडिकेट के मुख्य सरगना और शैली ट्रेडर्स के कर्ताधर्ता शुभम जायसवाल पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। उसका बिजनेस पार्टनर महेश सिंह भी अब 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी बन चुका है। दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी और नारकोटिक्स एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं और उनकी तलाश तेज कर दी गई है।

पुलिस और एसआईटी की कई टीमों ने शुभम की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। आदमपुर के प्रहलाद घाट के कायस्थ टोला और सिगरा के बादशाहबाग कॉलोनी स्थित उसके मकानों पर छापेमारी कर परिजनों को नोटिस दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी न होने पर अब उसकी संपत्तियों की कुर्की और बुलडोजर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

शुभम के अन्य पार्टनर, वरुण सिंह, गौरव जायसवाल और विशाल मल्होत्रा की भी तलाश जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बहुत जल्द इन सभी पर इनामी राशि बढ़ाई जाएगी। आरोपी दिवेश जायसवाल, अंकुश सिंह और घनश्याम मौर्य सहित कई लोगों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। शुभम के पिता भोला प्रसाद को पहले ही सोनभद्र पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

शुभम के खिलाफ वाराणसी, सोनभद्र, जौनपुर, चंदौली और गाजियाबाद में कई एफआईआर दर्ज हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि उसने दुबई, कोलकाता, दिल्ली और उत्तराखंड में भी सुरक्षित ठिकाने बना रखे हैं। इसके अलावा, झारखंड के रांची स्थित शैली ट्रेडर्स और इससे जुड़ी 38 फर्मों पर कोतवाली थाने में एनडीपीएस और धोखाधड़ी सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं।

इधर, रोहनिया के भदवर क्षेत्र में बने जिम के नीचे स्थित गोदाम से 19 नवंबर को बरामद कफ सिरप के मामले में मालिक महेश सिंह पर भी 25 हजार का इनाम घोषित किया गया है। जौनपुर निवासी अमित सिंह टाटा और आलोक प्रताप सिंह को एसटीएफ पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक इस पूरे मामले में छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

30 हजार शीशियां जब्त, 60 लाख का माल

9 दिसंबर को एसआईटी ने शुभम के करीबी और बिजनेस पार्टनर मनोज कुमार यादव के सूजाबाद स्थित बड़े गोदाम पर छापा मारकर करीब 30 हजार कफ सिरप की शीशियां बरामद की थीं। गोदाम के बंद हिस्से में पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। बरामद माल की बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं, आजाद जायसवाल की एक गाड़ी भी जब्त कर परिसर को सील कर दिया गया।

FSDA की कार्रवाई
FSDA ने मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन लेवल पर कठोर कार्रवाई की है। कई शेल फर्म्स पर केस दर्ज कर लाइसेंस निरस्त किए जा रहे हैं, जो मेडिकल सप्लाई के नाम पर कोडीन सिरप की बड़े पैमाने पर अवैध सप्लाई कर रही थीं। सिर्फ वाराणसी में 26 फर्म्स पर 15 नवंबर को एफआईआर दर्ज हुई और बाद में 12 और फर्म्स पर केस हुआ। पूरे पूर्वांचल में अब तक करीब 128 केस दर्ज किए जा चुके हैं।

ED की जांच 500 करोड़ मनी-लॉन्ड्रिंग एंगल पर

ED ने नवंबर 2025 में प्रिवेंशन ऑफ मनी लान्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया। कफ सिरप सिंडिकेट का वित्तीय नेटवर्क 500 करोड़ रुपये से अधिक का माना जा रहा है। हवाला, शेल कंपनियों और फर्जी लेन-देन की जांच यूपी के साथ मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल और झारखंड तक फैली है। केवल वाराणसी में 15 सदस्यीय ED टीम सक्रिय है।