पल्लवी पटेल के समर्थन में सड़क पर उतरे किसान, निकाला आक्रोश मार्च, मुकदमा वापस लने की मांग
वाराणसी। नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने वाली सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल और उनके समर्थकों पर दर्ज मुकदमे के विरोध में मंगलवार को रोहनिया क्षेत्र के बैरवन मोहनसराय में किसानों ने आक्रोश मार्च निकाला। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुकदमा वापस लेने की मांग की।
आक्रोश मार्च का नेतृत्व किसान नेता विनय शंकर राय "मुन्ना" ने किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

किसान नेता ने बताया कि डॉ. पल्लवी पटेल ने 15 जून को बीएचयू सिंह द्वार से प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय तक मार्च निकालकर नीट एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया था। आरोप है कि प्रशासन ने कार्यक्रम से पहले ही सख्ती बरतते हुए उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और उन्हें रोकने की कोशिश की।
किसानों का दावा है कि जौनपुर में पुलिस ने पल्लवी पटेल के वाहन को रोक लिया था, लेकिन इसके बावजूद वह वाराणसी पहुंचकर निर्धारित कार्यक्रम में शामिल हुईं। बाद में लंका थाने में उनके समेत बड़ी संख्या में समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जनहित के मुद्दों पर आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई जनता की आवाज दबाने का प्रयास है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
आक्रोश मार्च में विजय नारायण वर्मा, अमलेश पटेल, उदय पटेल, प्रेम शाह, मेवा पटेल, विजय गुप्ता, बच्चा मिश्रा, कल्लू पटेल, दिनेश तिवारी, रमेश पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग शामिल रहे।
