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ODOP से लेकर सोलर प्रोजेक्ट तक...MP-UP ने मिलाया हाथ, करोड़ों के प्रोजेक्ट्स पर बनी सहमति

 
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वाराणसी: मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश अब साझा विरासत के साथ विकास की नई कहानी लिखने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वाराणसी में आयोजित एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में दोनों राज्यों के बीच औद्योगिक, सांस्कृतिक और निवेश सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

सम्मेलन का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि काशी और उज्जैन जैसे धार्मिक शहर न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि पर्यटन और आर्थिक विकास के बड़े अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

एमओयू से बढ़ेगा सहयोग

सम्मेलन में काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) के क्षेत्र में भी दोनों राज्यों ने मिलकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया।

284 करोड़ का यूनिटी मॉल बनेगा उज्जैन में

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि उज्जैन में 284 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल यूनिटी मॉल बनाया जाएगा, जहां देशभर के ओडीओपी उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। यह मॉल मध्य भारत में अपनी तरह का सबसे बड़ा केंद्र होगा।

नक्सल मुक्त एमपी, निवेश के लिए तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब नक्सल मुक्त हो चुका है, जिससे प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। राज्य में मजबूत बिजली व्यवस्था, भूमि बैंक और निवेशक-हितैषी नीतियों के चलते उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है।

केन-बेतवा परियोजना और सोलर प्रोजेक्ट

उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना दोनों राज्यों के लिए जीवनरेखा साबित होगी, जिससे सिंचाई और पेयजल की समस्या दूर होगी। इसके अलावा, मुरैना में 2000 मेगावॉट के सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट पर भी दोनों राज्य मिलकर काम कर रहे हैं।

ओडीओपी से बढ़ रहा निर्यात

उत्तरप्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने बताया कि ओडीओपी योजना के जरिए राज्य का निर्यात तेजी से बढ़ा है और लाखों लोगों को रोजगार मिला है। वहीं मध्यप्रदेश में भी 55 जिलों में ओडीओपी उत्पादों के माध्यम से कारीगरों और किसानों को नई पहचान मिल रही है।

निवेश और रोजगार पर फोकस

मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया, जबकि 2026 में कृषि पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है।