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इस दिन से शुरू होगा सावन, शिवभक्ति में डूबेगी काशी; बाबा विश्वनाथ के दर्शन को जुटेंगे लाखों श्रद्धालु
 

 
 इस दिन से शुरू होगा सावन, शिवभक्ति में डूबेगी काशी; बाबा विश्वनाथ के दर्शन को जुटेंगे लाखों श्रद्धालु
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वाराणसी। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी एक बार फिर सावन के पावन महीने में ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंजने को तैयार है। अगले माह गुरु पूर्णिमा के बाद शुरू होने वाला सावन इस बार पूरे महीने काशी को शिवभक्ति के रंग में रंग देगा। श्रद्धालु अभी से बाबा के दर्शन और जलाभिषेक की तैयारियों में जुट गए हैं, वहीं होटल और धर्मशालाओं में बुकिंग का दौर भी तेज हो गया है।

29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के बाद सावन माह का शुभारंभ होगा, जो 28 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ समाप्त होगा। इस दौरान लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से काशी पहुंचेंगे और गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे। सावन के चारों सोमवार—3, 10, 17 और 24 अगस्त—को विशेष भीड़ रहने की संभावना है। इनमें 10 अगस्त को प्रदोष व्रत के संयोग के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सर्वाधिक रहने का अनुमान है।

सावन के दौरान काशी में प्रतिदिन आठ से दस लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई जा रही है। कांवड़ियों और शिवभक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा, जबकि प्रमुख मार्गों और मंदिर परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।

सावन माह में गंगा का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना को देखते हुए जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें भी विशेष रूप से सक्रिय रहेंगी। घाटों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।

श्रावण मास के दौरान काशी में भव्य जलाभिषेक, भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। श्रद्धालु गंगा से जल भरकर कांवड़ यात्रा के माध्यम से बाबा विश्वनाथ को अर्पित करेंगे। इसके साथ ही शहर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी, जिनमें भक्ति संगीत, लोकनृत्य और धार्मिक नाट्य प्रस्तुतियां शामिल होंगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपान, विश्राम और ठहरने की विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने भी सावन के दौरान आने वाले भक्तों को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।

धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और शिवभक्ति के संगम का प्रतीक सावन माह इस बार भी काशी को भक्ति और उत्सव के रंग में सराबोर करने जा रहा है।