काशी में लगातार बढ़ रही गंगा, अस्सी से नमो घाट तक कई छोटे मंदिर हुए जलमग्न, प्रशासन अलर्ट
वाराणसी। काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जलस्तर में हो रही निरंतर वृद्धि के चलते अस्सी घाट से नमो घाट के बीच गंगा किनारे बने करीब 40 छोटे मंदिर आंशिक रूप से जलमग्न हो गए हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
तीन दिनों से लगातार बढ़ रहा जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 60.53 मीटर था। शनिवार को यह बढ़कर 60.67 मीटर और रविवार को 60.77 मीटर दर्ज किया गया। वहीं सोमवार सुबह 6 बजे तक जलस्तर 60.88 मीटर पहुंच गया। लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
हालांकि गंगा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन इसकी लगातार बढ़ती रफ्तार को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पिछले साल का अनुभव बना सतर्कता की वजह
पिछले वर्ष जुलाई में गंगा का जलस्तर 66 मीटर तक पहुंच गया था। उस दौरान प्रसिद्ध सुबह-ए-बनारस का मंच भी पानी में डूब गया था और कई घाटों की गतिविधियां प्रभावित हुई थीं। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन पहले से ही एहतियाती कदम उठा रहा है।
22 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 20 से 22 जुलाई के बीच वाराणसी और पूर्वांचल के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। सोमवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यदि पहाड़ी और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार वर्षा होती रही, तो गंगा के जलस्तर में और तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से घाटों के किनारे अनावश्यक भीड़ न लगाने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
