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Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा पर वाराणसी के घाटों पर उमड़ी भीड़, 10 मंदिरों में होगा विशेष श्रृंगार-भोग, 56 भोग और चुनरी अर्पण खास

Ganga Dussehra 2026: वाराणसी में गंगा दशहरा पर्व को लेकर भव्य तैयारियां शुरू हो गई हैं। काशी के 10 प्रमुख मंदिरों में विशेष श्रृंगार-भोग होगा, घाटों पर मां गंगा की महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जानें क्या रहेगा खास और कैसे सजेगी काशी की गंगा आरती।

 
Ganga Dussehra 2026
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वाराणसी: धर्म नगरी काशी में गंगा दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर काशी पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंगी नजर आएगी। सुबह से ही गंगा घाटों परस्नान के लिए  श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों ने स्नान के साथ दान-पुण्य कर मां गंगा से सुख-समृद्धि की कामना की। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जल पुलिस और प्रशासन भी सतर्क है। 

इस बार गंगा दशहरा के अवसर पर काशी के प्रमुख घाटों और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और 56 भोग का आयोजन किया जाएगा। मां गंगा की आराधना के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं के वाराणसी पहुंचने की संभावना है।

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10 प्रमुख मंदिरों में होगा विशेष श्रृंगार और भोग

गंगा दशहरा के अवसर पर काशी के 10 प्रमुख मंदिरों में विशेष श्रृंगार-भोग की तैयारी की गई है। काशी विश्वनाथ धाम, अन्नपूर्णा मंदिर, दशाश्वमेध क्षेत्र और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया जाएगा। मंदिरों में मां गंगा और भगवान शिव की विशेष पूजा होगी। श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद और भोग की व्यवस्था भी की जा रही है।

घाटों पर गूंजेगी मां गंगा की महाआरती

वाराणसी के घाटों पर इस बार गंगा दशहरा बेहद भव्य रूप में मनाया जाएगा। दशाश्वमेध घाट सहित कई प्रमुख घाटों पर विशाल गंगा आरती आयोजित की जाएगी। शाम होते ही घाट दीपों और रोशनी से जगमगा उठेंगे। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की ध्वनि के बीच मां गंगा की आरती श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराएगी।

विश्वनाथ धाम तक निकलेगी भव्य पूजा यात्रा

आयोजकों के अनुसार गंगा दशहरा पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक यात्राएं भी निकाली जाएंगी। घाटों से लेकर काशी विश्वनाथ धाम तक भक्तों का सैलाब देखने को मिलेगा। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित होंगे।

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56 भोग और चुनरी अर्पित करने की तैयारी

इस बार मां गंगा को विशेष रूप से चुनरी अर्पित की जाएगी और 56 प्रकार के भोग लगाए जाएंगे। आयोजन समिति के अनुसार, भक्तों के लिए अलग-अलग घाटों पर पूजा, प्रसाद और दर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर रहेगा।

देश-विदेश से पहुंचेंगे श्रद्धालु

गंगा दशहरा को लेकर वाराणसी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। काशी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती और धार्मिक वातावरण को देखने के लिए हर साल विदेशों से भी लोग यहां पहुंचते हैं। इस बार भी घाटों पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।

क्या है गंगा दशहरा का महत्व?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। इसी कारण इस दिन को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से दस प्रकार के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।