Movie prime

वाराणसी में गंगा उफान पर, तेजी से बढ़ रहा जलस्तर, 84 घाटों का संपर्क टूटा; बदला शवदाह का स्थान

 
ganga
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों और तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को गंगा का पानी कई घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच गया, जिसके चलते 84 घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर पानी भरने के कारण अंतिम संस्कार के लिए जगह कम पड़ने लगी है और सीढ़ियों पर ही अंतिम संस्कार किया जा रहा है। वहीं, जलस्तर बढ़ने के कारण दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की आरती छत पर कराई गई। नमो घाट के प्लेटफॉर्म तक भी गंगा का पानी पहुंच गया है।

घाटों पर बढ़ा पानी, स्नान स्थल डूबे

गंगा के बढ़ते जलस्तर से कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। एक घाट से दूसरे घाट तक जाने वाले रास्ते भी जलमग्न होने के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई है। संत रविदास घाट और नया सामने घाट के स्नान स्थल पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। अस्सी घाट पर भी पानी आरती स्थल के नीचे तक पहुंच चुका है।

घाटों पर फिसलन और पानी के बीच लोगों को आवाजाही करनी पड़ रही है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों को नदी के करीब जाने से रोका जा रहा है।

हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट पर बदली अंतिम संस्कार की व्यवस्था

गंगा के लगातार बढ़ते पानी का असर अंतिम संस्कार की व्यवस्था पर भी पड़ा है। हरिश्चंद्र घाट पर पानी सीढ़ियों तक पहुंचने से शवों के अंतिम संस्कार के लिए उपलब्ध जगह काफी कम हो गई है। ऐसे में सीढ़ियों पर ही अंतिम संस्कार किया जा रहा है। मणिकर्णिका घाट की स्थिति भी ऐसी ही बनी हुई है। जलस्तर और बढ़ा तो अंतिम संस्कार के लिए जगह की समस्या और गंभीर हो सकती है।

छत पर कराई गई दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती

दशाश्वमेध घाट पर जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा सेवा निधि की प्रसिद्ध आरती अब छत पर कराई जा रही है। जलस्तर बढ़ने के बाद आरती स्थल को पांचवीं बार बदला गया है। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि जब तक गंगा का जलस्तर सामान्य नहीं होता, तब तक आरती छत पर ही कराई जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है।

66.64 मीटर पहुंचा गंगा का जलस्तर

मंगलवार सुबह 6 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 66.64 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में शहर में 46.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, अगले 24 घंटे तक मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने की संभावना है।

सोमवार रात गंगा के जलस्तर में करीब 5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हुई। बाद में बढ़ाव की गति घटकर करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे हो गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, अगले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।

वरुणा में पलट प्रवाह से तटवर्ती इलाकों में खतरा

गंगा का पानी बढ़ने के साथ वरुणा नदी में भी पलट प्रवाह शुरू हो गया है। इससे नदी किनारे बसे मोहल्लों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। एक दर्जन से अधिक मोहल्लों में पानी पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। जलस्तर और बढ़ने पर दो हजार से अधिक पावरलूम और हथकरघे प्रभावित हो सकते हैं। स्थिति गंभीर होने पर एक हजार से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ सकती है।

नाव संचालन बंद, NDRF और जल पुलिस की निगरानी बढ़ी

गंगा में तेज बहाव को देखते हुए नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। NDRF और जल पुलिस की टीमें लगातार घाटों पर गश्त कर रही हैं। जवान श्रद्धालुओं को नदी में उतरने से रोक रहे हैं और घाटों पर सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं। प्रशासन तटवर्ती इलाकों की स्थिति पर भी लगातार नजर बनाए हुए है।

सावन के चलते काशी में श्रद्धालुओं और कांवरियों की भीड़ को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और जलस्तर को देखते हुए सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।