काशी विद्यापीठ प्रशासन को राज्यपाल की चेतावनी, एक महीने में सुधार करें, वरना कार्रवाई तय
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 48वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर जमकर नाराजगी जताई। समारोह में उन्होंने 53 मेधावी विद्यार्थियों को 82 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए, जबकि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के कुल 63,184 विद्यार्थियों को उपाधियां दी गईं।
दीक्षांत समारोह के दौरान मेधावियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं ने परिसर में जमकर सेल्फी ली और इस उपलब्धि को यादगार बनाया। विश्वविद्यालय परिसर को समारोह के लिए विशेष रूप से सजाया गया था।
'मैं खुद निरीक्षण करती हूं, छात्रों से सीधे बात करती हूं'
अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वह केवल रिपोर्टों पर भरोसा नहीं करतीं, बल्कि स्वयं टीम के साथ विश्वविद्यालय परिसरों का निरीक्षण करती हैं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानती हैं और जहां भी कमियां मिलती हैं, उन्हें तत्काल दूर कराने का प्रयास करती हैं।
उन्होंने कहा कि अब संबद्ध सरकारी और निजी महाविद्यालयों की भी समीक्षा की जाएगी, क्योंकि विश्वविद्यालयों से अधिक छात्र इन्हीं कॉलेजों में अध्ययन करते हैं। ऐसे में वहां की शिक्षा व्यवस्था और सुविधाओं पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।
हॉस्टलों की बदहाल व्यवस्था पर जताई नाराजगी
राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय के तीन परिसरों के निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। उन्होंने कहा कि चार हॉस्टलों में से कई का पूरा उपयोग नहीं हो रहा है। किसी भी बॉयज हॉस्टल में वाशिंग मशीन नहीं मिली और जहां वाई-फाई की सुविधा है, वहां वह सही ढंग से संचालित नहीं हो रही।
उन्होंने कहा कि छात्रों को ऐसी मूलभूत सुविधाएं मिलनी ही चाहिए, ताकि वे बेहतर माहौल में पढ़ाई कर सकें।
मेस, लाइब्रेरी और आधुनिक किचन पर दिए निर्देश
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि छात्रावासों में पौष्टिक, स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने आधुनिक किचन विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों को बेहतर भोजन व्यवस्था मिलनी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने मैदागिन (मुख्य) परिसर और गंगापुर परिसर की लाइब्रेरी की तुलना में मीरजापुर/मीरव तालाब परिसर की लाइब्रेरी की खराब स्थिति पर चिंता जताई। वहां साफ-सफाई, पुस्तकों के रखरखाव और अध्ययन की उचित व्यवस्था नहीं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई।
निर्माण कार्य, सोलर प्लांट और फायर सेफ्टी पर भी सवाल
राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा मनोविज्ञान विभाग के भवनों का निर्माण कार्य रुका हुआ है, जिसकी समीक्षा कर जल्द पूरा कराया जाए। उन्होंने परिसर में लगे सोलर प्लांट बंद मिलने, फायर सेफ्टी उपकरणों की एक्सपायरी, एसटीपी के सही ढंग से काम न करने और परिसर में सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई।
एक महीने का दिया अल्टीमेटम
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान जिन कमियों की पहचान हुई है, उन्हें एक महीने के भीतर दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि छात्र और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है कि परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखें।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छता और गंगा संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, ऐसे में विश्वविद्यालय परिसर भी उसी भावना के अनुरूप स्वच्छ और सुव्यवस्थित होना चाहिए। प्रशासन को समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित करना होगा।
