घूस लेते रंगे हाथों पकड़ी गईं GST की डिप्टी कमिश्नर, विजिलेंस टीम से हाथापाई कर भागने की कोशिश!
वाराणसी। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत विजिलेंस टीम ने बुधवार शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए जीएसटी विभाग की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने मौके से भागने की कोशिश की और विजिलेंस की महिला पुलिसकर्मियों से हाथापाई भी की। यह कार्रवाई भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही विजिलेंस टीम ने अंबिका सिंह को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ा, वह वहां से निकलने का प्रयास करने लगीं। इस दौरान उन्होंने चार महिला दरोगाओं से धक्का-मुक्की की। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। काफी मशक्कत के बाद विजिलेंस टीम ने उन्हें अपने कब्जे में लेकर सरकारी वाहन से थाने पहुंचाया।
फाइल पास कराने के बदले मांगी थी 50 हजार रुपये की रिश्वत
जानकारी के अनुसार, बजरडीहा निवासी अजय कुमार मौर्य, जो ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं, ने फरवरी 2023 का जीएसटी रिटर्न समय पर दाखिल किया था। तकनीकी खामियों के कारण उनकी फाइल दोबारा जांच के लिए जीएसटी कार्यालय भेजी गई। फील्ड अधिकारी की रिपोर्ट के बाद फाइल डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह के पास पहुंची।
आरोप है कि फाइल के निस्तारण और टैक्स से जुड़े मामले को मंजूरी देने के बदले अंबिका सिंह ने अजय कुमार मौर्य से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। जब व्यापारी ने शुरुआत में रिश्वत देने से इनकार किया तो फाइल खारिज करने की बात कही गई। बाद में व्यापारी ने हामी भरते हुए इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से कर दी।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
व्यापारी की शिकायत मिलने पर विजिलेंस टीम ने पूरे मामले की जांच की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।
बुधवार शाम अजय कुमार मौर्य ने अंबिका सिंह को दादा रेस्टोरेंट बुलाया। तय योजना के अनुसार उन्होंने 50 हजार रुपये से भरा लिफाफा उन्हें सौंपा। जैसे ही अंबिका सिंह ने रकम ली और बाहर निकलने लगीं, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम अंबिका सिंह को अपने साथ लेकर थाने पहुंची, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
