वाराणसी के मंडलीय अस्पताल में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं, 3 दिन में 30 बेड पर शिफ्ट होंगे मरीज
वाराणसी। शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मंडलीय जिला चिकित्सालय में काम तेज कर दिया गया है। अस्पताल को 500 बेड के मल्टी सुपरस्पेशियलिटी चिकित्सालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मंगलवार को एमसीएच विंग और इमरजेंसी भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को तय समयसीमा में सभी जरूरी काम पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने एमसीएच विंग के दूसरे तल पर मरीजों को शिफ्ट करने के लिए वार्ड, वॉशरूम और अन्य आवश्यक सुविधाओं का काम तीन दिन में पूरा कराने को कहा। यहां 30 बेड पर मरीजों को शिफ्ट किया जाना है। इसमें पुरुष सर्जरी के लिए 20 और महिला सर्जरी के लिए 10 बेड निर्धारित किए गए हैं।
तीसरे तल पर चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने फ्लोर फिनिशिंग, वॉशरूम और ऑक्सीजन व्यवस्था समेत सभी जरूरी काम 25 अक्टूबर से पहले पूरा कर मरीजों को शिफ्ट करने को कहा। इस तल पर कुल 106 बेड की व्यवस्था प्रस्तावित है। इनमें पुरुष मेडिसिन के 52, महिला मेडिसिन के 30, पुरुष आर्थोपेडिक्स के 16 और महिला आर्थोपेडिक्स के आठ बेड शामिल हैं।
वहीं, एमसीएच विंग के चौथे तल पर 58 बेड की सुविधा विकसित की जा रही है। डीएम ने इस कार्य को एक महीने के भीतर पूरा कर मरीजों के लिए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस तल पर आईसीयू, पीडियाट्रिक, पीआईसीयू, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी, आईसीटीसी और लॉन्ड्री जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।
## इमरजेंसी भवन में भी बढ़ेंगी सुविधाएं
एमसीएच विंग के साथ जिलाधिकारी ने मंडलीय जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी भवन का भी निरीक्षण किया। भवन के ग्राउंड फ्लोर पर 40 बेड की व्यवस्था है। यहां एचडीयू, इमरजेंसी, आईसीयू, आइसोलेशन, सेफ हाउस, ईओपीडी, ट्रायज एरिया और रिससिटेशन रूम जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इमरजेंसी भवन के प्रथम तल पर अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और अस्पताल का रिकॉर्ड रूम स्थापित कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, दूसरे तल पर कुल 41 बेड की व्यवस्था प्रस्तावित है। इनमें बर्न यूनिट के लिए 33 बेड, ओटी प्री-ऑप के लिए तीन और पोस्ट-ऑप के लिए पांच बेड निर्धारित किए गए हैं।
गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय के साथ काम पूरा करें।
इस दौरान पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता करुणेश अरोड़ा, अवर अभियंता लालमणि, महालाशा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक श्रीकांत पाल, परामर्शी अभियंता संतोष पटेल, मंडलीय जिला चिकित्सालय के मंडलीय अपर निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार, जिला महिला चिकित्सालय की प्रमुख अधीक्षिका डॉ. मनीषा सैंगर, एमसीएच विंग के अधीक्षक डॉ. आर.एन. विश्वकर्मा और हेरिटेज मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक प्रतोष कुमार सिंह मौजूद रहे।
