वाराणसी में हीटवेव का कहर: 45 C पहुंचा तापमान, देश के सबसे गर्म शहरों में हुआ शामिल, घाटों-सड़कों पर सन्नाटा
वाराणसी में भीषण गर्मी और लू ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। सोमवार को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक रहा। मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। गंगा घाट, सड़कें और बाजार दोपहर में लगभग सूने नजर आए।
वाराणसी: सोमवार को भीषण गर्मी और तेज लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। सूरज की तीखी तपिश और गर्म हवाओं के कारण पूरा शहर झुलसता नजर आया। इस सीजन में पहली बार इतनी प्रचंड गर्मी दर्ज की गई, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार यह सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक रहा। वर्ष 2016 के बाद मई महीने में यह पांचवीं बार है जब काशी का तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचा है।
सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया था। सुबह 8 बजे के बाद ही सड़कें तपने लगीं और शाम तक गर्म हवाओं का असर बना रहा। दोपहर के समय शहर की प्रमुख सड़कें लगभग सूनी दिखाई दीं। गर्मी का आलम ऐसा था कि लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले।
40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली लू
सोमवार को लू की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जिससे गर्मी और ज्यादा खतरनाक महसूस हुई। न्यूनतम तापमान भी 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले चार से पांच दिन और अधिक कठिन हो सकते हैं।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही ईरान के उत्तरी क्षेत्र के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से गर्म हवाओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल हुई वाराणसी
भीषण गर्मी के चलते वाराणसी देश के शीर्ष 10 सबसे गर्म शहरों में शामिल रही। वहीं उत्तर प्रदेश में यह चौथा सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने 19 से 21 मई तक भीषण लू का अलर्ट जारी किया है। लोगों के मोबाइल फोन पर भी चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं।
गंगा घाटों और सड़कों पर पसरा सन्नाटा
तेज धूप और लू का असर धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों पर भी साफ दिखाई दिया। दोपहर के समय गंगा घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा और नाव संचालन भी लगभग ठप हो गया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही काफी कम देखी गई।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
भीषण गर्मी के बावजूद श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लंबी कतारों में खड़े भक्तों को राहत देने के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। दर्शन मार्ग पर जूट मैट बिछाई गई ताकि श्रद्धालुओं के पैर न जलें। इसके अलावा फुहारे वाले पंखे और पानी के छिड़काव की व्यवस्था भी की गई।
पिछले वर्षों में मई का तापमान
2024 — 47.8°C
2020 — 46°C
2019 — 46.1°C
2016 — 45.1°C
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
