माघ मेला-2026 तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा, 15 दिसंबर तक सभी काम पूरे करने के सख्त निर्देश
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने रविवार को सर्किट हाउस सभागार में माघ मेला-2026 की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मेला से जुड़े सभी विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मंत्री श्री शर्मा ने सबसे अधिक जोर भीड़ प्रबंधन और सुगम आवागमन पर दिया। उन्होंने अरैल क्षेत्र को मेला परिसर से सीधे जोड़ने के लिए महाकुंभ-2025 की तर्ज पर दो अतिरिक्त पंटून (पीपा) पुल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अरैल के घाटों पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए समय रहते पुलों का निर्माण करा लिया जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शास्त्रीय मान्यताओं का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि पूरा संगम क्षेत्र पवित्र है और सभी घाट संगम घाट ही हैं। इसलिए संगम नोज पर भीड़ एकत्र न हो, इसके लिए सभी घाटों पर ‘संगम-1’, ‘संगम-2’, ‘संगम-3’ जैसे साइनेज लगाए जाएं और स्नानार्थियों को निकटतम घाट पर ही स्नान के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
मंत्री ने सभी विभागों को 15 दिसंबर 2025 तक अपने-अपने कार्य पूर्ण करने की सख्त चेतावनी दी और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभागवार प्रमुख निर्देश:
- सिंचाई विभाग को गंगा में पर्याप्त जल सुनिश्चित करना,
- लोक निर्माण विभाग को पंटून पुल और चेकर्ड प्लेट का कार्य समय से पूरा करना,
- नगर निगम को घाटों व सड़कों की सफाई तथा सफाई कर्मियों के ठहरने-खाने की उचित व्यवस्था करना,
- विद्युत विभाग को पूरे मेला क्षेत्र में निर्बाध बिजली और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी सुनिश्चित करना,
- स्वास्थ्य विभाग को आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना,
- पुलिस विभाग को ट्रैफिक मैनेजमेंट, सीसीटीवी कवरेज, ड्रोन सर्विलांस और पेट्रोलिंग मजबूत करना।
अपर मेलाधिकारी ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि बस संचालन, पार्किंग विस्तार, सात पंटून पुल, साइनेज बढ़ाने, आरएमयू आधारित बिजली व्यवस्था, जियो-ट्यूब से कटाव रोकथाम और प्री-फैब एसटीपी आदि कार्य तेज गति से चल रहे हैं।
