वाराणसी दालमंडी में कार्रवाई का विरोध पड़ा भारी, 6 नामजद समेत 21 पर FIR, VDA की टीम पर किया था हमला
वाराणसी के दालमंडी इलाके में शनिवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और नगर निगम की संयुक्त टीम द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि मकान संख्या डी-50/221 को तोड़ने पहुंची टीम का वहां रह रहे लोगों ने विरोध किया और बाद में टीम पर हमला कर दिया।
मामले में पुलिस ने मौके से 6 लोगों को हिरासत में लिया, जबकि देर रात चौक थाने में 6 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
ध्वस्तीकरण के दौरान शुरू हुआ विरोध
वाराणसी विकास प्राधिकरण के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ज्ञानचंद ने चौक थाने में तहरीर देकर बताया कि दालमंडी क्षेत्र में कई भवनों को वीडीए ने अवैध घोषित किया है। इनमें मकान संख्या डी-50/221 भी शामिल है।
शनिवार को एडीएम सिटी राजेश कुमार और वीडीए के जोनल अधिकारी प्रकाश कुमार के नेतृत्व में टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। टीम द्वारा मकान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध में महिलाएं भी शामिल थीं।
टीम पर हमला करने का आरोप
VDA कर्मचारी की शिकायत के अनुसार, कार्रवाई का विरोध कर रहे लोग अचानक उग्र हो गए और अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इस दौरान कुछ कर्मचारियों को चोट भी आई।
मौके पर तैनात पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए विरोध कर रहे लोगों को हटाया और छह लोगों को हिरासत में ले लिया।
पोकलेन मशीन से ध्वस्त किया गया मकान
विरोध और हंगामे के बीच पीडब्ल्यूडी की पोकलेन मशीन से कार्रवाई जारी रही। शाम करीब 6 बजे तक मकान संख्या डी-50/221 को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
आरोपियों को भेजा जाएगा जेल: पुलिस
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि भवन को वीडीए द्वारा अवैध घोषित किया गया था और ध्वस्तीकरण से पहले जरूरी नाप-जोख की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान राशिद, शाहिद, हसन, रशीद और अंजुम समेत कई लोग मौके पर पहुंच गए और सरकारी कार्रवाई का विरोध करने लगे। पुलिस के अनुसार, छह नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जाएगा, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
