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सड़क हादसे में घायल हैं तो डायल 112 पर दें सूचना, मिलेगा डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज
 

 
 सड़क हादसे में घायल हैं तो डायल 112 पर दें सूचना, मिलेगा डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज
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वाराणसी। सड़क दुर्घटना में घायल होने पर अब इलाज के खर्च की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हादसे के बाद डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस की मदद ली जा सकती है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना का विवरण दर्ज करने के साथ घायल की पेशेंट आईडी बनाएगी और उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायल को डेढ़ लाख रुपये तक या सात दिनों तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

यह योजना देशभर में 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई थी। सड़क पर किसी भी तरह के हादसे में घायल व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस सड़क दुर्घटनाओं में ई-डीएआर (Electronic Detailed Accident Report) आईडी जेनरेट करने के मामले में प्रदेश में पहले स्थान पर है।

अब तक वाराणसी में सड़क हादसों में घायल 21 लोगों को ई-डीएआर योजना का लाभ मिल चुका है। जिले के 141 अस्पताल योजना से जुड़े हैं, जबकि 391 सड़क हादसे ई-डीएआर पोर्टल पर लिंक किए जा चुके हैं। वहीं, योजना के तहत अब तक 34 पेशेंट आईडी जेनरेट हुई हैं।

बाइक टक्कर में घायल युवक को मिला कैशलेस इलाज

18 जुलाई को लंका थाना क्षेत्र में रमना टोल प्लाजा के पास दो बाइकों की टक्कर में रोहनिया के कुरहुआ निवासी विशाल घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे का विवरण दर्ज कर विशाल की पेशेंट आईडी जेनरेट की। इसके बाद उन्हें हेरीटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया।

पेशेंट आईडी बनने के बाद अस्पताल ने इलाज के लिए जमा कराए गए 8,500 रुपये वापस कर दिए। इस तरह विशाल को योजना के तहत कैशलेस उपचार का लाभ मिला।

अस्पताल भी बना सकता है पेशेंट आईडी

अस्पताल में भर्ती घायल व्यक्ति की पेशेंट आईडी अस्पताल प्रशासन भी बना सकता है। हालांकि, ऐसी आईडी संबंधित थाना क्षेत्र के प्रभारी की मंजूरी के बाद ही मान्य होगी। थाना प्रभारी यह सत्यापित करेंगे कि दुर्घटना उनके क्षेत्र में हुई है और संबंधित व्यक्ति उसी हादसे में घायल हुआ है।

फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सत्यापन की यह व्यवस्था लागू की गई है। यदि पुलिस की मंजूरी नहीं मिलती है तो अस्पताल में भर्ती घायल को इलाज का खर्च खुद वहन करना पड़ सकता है।

वाराणसी। सड़क दुर्घटना में घायल होने पर अब इलाज के खर्च की चिंता करने की जरूरत नहीं है। हादसे के बाद डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस की मदद ली जा सकती है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना का विवरण दर्ज करने के साथ घायल की पेशेंट आईडी बनाएगी और उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करेगी। इसके बाद प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायल को डेढ़ लाख रुपये तक या सात दिनों तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

यह योजना देशभर में 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई थी। सड़क पर किसी भी तरह के हादसे में घायल व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकता है। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस सड़क दुर्घटनाओं में ई-डीएआर (Electronic Detailed Accident Report) आईडी जेनरेट करने के मामले में प्रदेश में पहले स्थान पर है।

अब तक वाराणसी में सड़क हादसों में घायल 21 लोगों को ई-डीएआर योजना का लाभ मिल चुका है। जिले के 141 अस्पताल योजना से जुड़े हैं, जबकि 391 सड़क हादसे ई-डीएआर पोर्टल पर लिंक किए जा चुके हैं। वहीं, योजना के तहत अब तक 34 पेशेंट आईडी जेनरेट हुई हैं।

बाइक टक्कर में घायल युवक को मिला कैशलेस इलाज

18 जुलाई को लंका थाना क्षेत्र में रमना टोल प्लाजा के पास दो बाइकों की टक्कर में रोहनिया के कुरहुआ निवासी विशाल घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे का विवरण दर्ज कर विशाल की पेशेंट आईडी जेनरेट की। इसके बाद उन्हें हेरीटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भर्ती कराया गया।

पेशेंट आईडी बनने के बाद अस्पताल ने इलाज के लिए जमा कराए गए 8,500 रुपये वापस कर दिए। इस तरह विशाल को योजना के तहत कैशलेस उपचार का लाभ मिला।

अस्पताल भी बना सकता है पेशेंट आईडी

अस्पताल में भर्ती घायल व्यक्ति की पेशेंट आईडी अस्पताल प्रशासन भी बना सकता है। हालांकि, ऐसी आईडी संबंधित थाना क्षेत्र के प्रभारी की मंजूरी के बाद ही मान्य होगी। थाना प्रभारी यह सत्यापित करेंगे कि दुर्घटना उनके क्षेत्र में हुई है और संबंधित व्यक्ति उसी हादसे में घायल हुआ है।

फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सत्यापन की यह व्यवस्था लागू की गई है। यदि पुलिस की मंजूरी नहीं मिलती है तो अस्पताल में भर्ती घायल को इलाज का खर्च खुद वहन करना पड़ सकता है।

ऐसे मिलेगा योजना का लाभ

  • सड़क दुर्घटना होते ही डायल 112 पर सूचना दें।
  • सूचना मिलने पर समन्वय व्यवस्था के तहत पुलिस और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचेगी।
  • पुलिस अधिकारी ई-डीएआर पोर्टल पर दुर्घटना का विवरण दर्ज करेंगे।
  • घायल की पेशेंट आईडी जेनरेट की जाएगी।
  • आईडी बनते ही योजना से जुड़े अस्पताल को अलर्ट मिलेगा।
  • घायल के अस्पताल पहुंचते ही कैशलेस इलाज शुरू किया जा सकेगा।
  • अस्पताल को उपचार का भुगतान टीएमएस (Transaction Management System) पोर्टल के माध्यम से मिलेगा।

गोल्डन ऑवर में मदद बेहद जरूरी

पीएम राहत योजना को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस की ओर से गोष्ठियां भी आयोजित की जा रही हैं। पुलिस कमिश्नर मोहत अग्रवाल ने बताया कि यह योजना सड़क हादसों में घायल सभी लोगों के लिए है। इसके तहत डेढ़ लाख रुपये तक या सात दिनों तक निश्शुल्क उपचार का प्रावधान है। हादसे के बाद पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है। ऐसे में समय पर पुलिस और एंबुलेंस को सूचना देकर घायल की जान बचाने के साथ उसे कैशलेस इलाज भी दिलाया जा सकता है।

ऐसे मिलेगा योजना का लाभ

  • सड़क दुर्घटना होते ही डायल 112 पर सूचना दें।
  • सूचना मिलने पर समन्वय व्यवस्था के तहत पुलिस और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचेगी।
  • पुलिस अधिकारी ई-डीएआर पोर्टल पर दुर्घटना का विवरण दर्ज करेंगे।
  • घायल की पेशेंट आईडी जेनरेट की जाएगी।
  • आईडी बनते ही योजना से जुड़े अस्पताल को अलर्ट मिलेगा।
  • घायल के अस्पताल पहुंचते ही कैशलेस इलाज शुरू किया जा सकेगा।
  • अस्पताल को उपचार का भुगतान टीएमएस (Transaction Management System) पोर्टल के माध्यम से मिलेगा।

गोल्डन ऑवर में मदद बेहद जरूरी

पीएम राहत योजना को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस की ओर से गोष्ठियां भी आयोजित की जा रही हैं। पुलिस कमिश्नर मोहत अग्रवाल ने बताया कि यह योजना सड़क हादसों में घायल सभी लोगों के लिए है। इसके तहत डेढ़ लाख रुपये तक या सात दिनों तक निश्शुल्क उपचार का प्रावधान है। हादसे के बाद पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है। ऐसे में समय पर पुलिस और एंबुलेंस को सूचना देकर घायल की जान बचाने के साथ उसे कैशलेस इलाज भी दिलाया जा सकता है।