माइक्रोटेक कॉलेज में IGNOU की इंडक्शन मीट, छात्रों ने जानी एडमिशन से परीक्षा तक की पूरी प्रक्रिया
Varanasi : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी की ओर से 2 अक्टूबर को जुलाई 2026 सत्र के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए परिचय सत्र (इंडक्शन मीट) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम IGNOU अध्ययन केंद्र-48012, माइक्रोटेक कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, मलदहिया में हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को दूरस्थ शिक्षा प्रणाली, विश्वविद्यालय के नियमों और अध्ययन प्रक्रिया से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इस दौरान महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
माइक्रोटेक प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों को संस्थान में IGNOU के तहत संचालित BCA, MCA, BBA, B.Com, M.Com और MScBCA, MCA, BBA, B.COMF, M.COM, MSCAIML, MSCDSA, MSCIS, MAJMC, CIT समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई। साथ ही IGNOU के विद्यार्थियों को नि:शुल्क प्लेसमेंट सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई।
दूरस्थ शिक्षा और परीक्षा प्रक्रिया को समझाया
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि IGNOU के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. यू.एन. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया और दूरस्थ शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि IGNOU की शिक्षण प्रणाली में सेल्फ लर्निंग मटेरियल के साथ ऑडियो-वीडियो सामग्री, रेडियो-टेलीविजन प्रसारण, परामर्श, प्रयोगशाला, व्यावहारिक अनुभव और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाता है।
विद्यार्थियों को मूल्यांकन प्रणाली, परीक्षा प्रक्रिया और सत्रीय कार्य (असाइनमेंट) के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें नियमित स्व-अध्ययन करने और निर्धारित अवधि में पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों के सवालों का दिया जवाब
इंडक्शन मीट के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने अध्ययन, पाठ्यक्रम और विश्वविद्यालय की प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे, जिनका संबंधित पदाधिकारियों ने जवाब दिया। विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन और समयबद्धता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों का फैकल्टी टीम से परिचय कराया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
