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IIT-BHU में नौकरी दिलाने के नाम पर 20.50 लाख की ठगी! फर्जी साइन-मुहर लगाकर दे दिया जॉइनिंग लेटर, केस दर्ज

वाराणसी में IIT-BHU के जूनियर लैब अटेंडेंट पर नौकरी दिलाने के नाम पर 20.50 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। पीड़ित को फर्जी जॉइनिंग लेटर और फर्जी हस्ताक्षर वाला नियुक्ति पत्र देने का मामला सामने आया। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 
IIT BHU Fake Joining Letter
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वाराणसी: आईआईटी-बीएचयू में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चितईपुर थाना क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, IIT-BHU के बायो केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत एक जूनियर लैब अटेंडेंट पर नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख 50 हजार रुपये लेने, फर्जी जॉइनिंग लेटर देने और बाद में रकम वापस न करने का आरोप लगा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पत्नी और भाई की नौकरी के नाम पर लिए 20.50 लाख रुपये

चितईपुर थाना क्षेत्र के सराय डंगरी कला निवासी अनिल पटेल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दिनेश कुमार, जो IIT-BHU के बायो केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में जूनियर लैब अटेंडेंट के पद पर कार्यरत है, ने उनकी पत्नी और भाई की नौकरी IIT-BHU में लगवाने का भरोसा दिया। अनिल का आरोप है कि इसी भरोसे पर उन्होंने चरणबद्ध तरीके से 20 लाख 50 हजार रुपये आरोपी को दे दिए।

फर्जी साइन और मुहर से बनाया नियुक्ति पत्र

पीड़ित के मुताबिक, रकम लेने के बाद आरोपी ने IIT-BHU के डिप्टी रजिस्ट्रार शिव कुमार त्रिपाठी के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से तैयार एक जॉइनिंग लेटर दिया। जब वह अपनी पत्नी और भाई को लेकर IIT-BHU पहुंचे, तब संस्थान में पता चला कि नियुक्ति पत्र पूरी तरह फर्जी है और उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।

बार-बार देता रहा फर्जी जॉइनिंग लेटर

अनिल पटेल का कहना है कि जब उन्होंने आरोपी से जवाब मांगा तो उसने हर बार नई तारीख का हवाला देते हुए कई बार अलग-अलग जॉइनिंग लेटर दिए, लेकिन किसी भी नियुक्ति प्रक्रिया में उनका नाम नहीं मिला। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि नौकरी के नाम पर उनके साथ सुनियोजित धोखाधड़ी की गई है।

8 लाख लौटाए, बाकी रकम के लिए दिए फर्जी चेक

पीड़ित के अनुसार, लगातार दबाव बनाने पर आरोपी ने 8 लाख रुपये वापस कर दिए, लेकिन शेष 12 लाख 50 हजार रुपये लौटाने से बचता रहा। बाद में आरोपी ने 10-10 लाख रुपये के दो चेक दिए, लेकिन दोनों चेक कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर होने के कारण बैंक से निरस्त हो गए।

स्टाम्प पेपर पर वादा, फिर भी नहीं लौटाए पैसे

अनिल का आरोप है कि मामले की शिकायत लंका थाने में करने के बाद आरोपी ने स्टाम्प पेपर पर लिखित आश्वासन दिया था कि वह 7 फरवरी 2026 तक बाकी रकम लौटा देगा, लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि अब आरोपी और उसकी पत्नी संगीता पैसे मांगने पर जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपी की तलाश जारी

चितईपुर थाना प्रभारी राकेश कुमार गौतम ने बताया कि पीड़ित की तहरीर और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरोपी दिनेश कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 340(2) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी के सुसुवाही स्थित आवास पर दबिश दी जा रही है और मामले के सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।