वाराणसी में अवैध विज्ञापनों का जाल: नगर निगम को 6 साल में 30 करोड़ का नुकसान, 800 से ज्यादा स्पॉट चिह्नित
वाराणसी I वाराणसी शहर में फैले अवैध विज्ञापन और होर्डिंग के कारोबार ने नगर निगम के राजस्व को पिछले छह वर्षों में बड़ा झटका दिया है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, अवैध विज्ञापनों के कारण हर साल करीब 5 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इस हिसाब से अब तक लगभग 30 करोड़ रुपये की क्षति हो चुकी है।
नगर निगम ने इस नुकसान की भरपाई और राजस्व में बढ़ोतरी के लिए अब सख्त रुख अपनाया है। अवैध रूप से लगे विज्ञापन और होर्डिंग की शिनाख्त शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग की टीम शहर के अलग-अलग इलाकों में अभियान चलाकर ऐसे स्थानों को चिह्नित कर रही है, जहां बिना अनुमति विज्ञापन लगाए गए हैं।
800 से अधिक स्थानों की पहचान
जांच के दौरान शहर में 800 से ज्यादा ऐसे स्थानों की पहचान की गई है, जहां नगर निगम की अनुमति के बिना विज्ञापन और होर्डिंग लगाए गए हैं। निजी एडवरटाइजर घरों की दीवारों, छतों, पुलों की रेलिंग और सार्वजनिक स्थलों के आसपास बड़े पैमाने पर विज्ञापन प्रदर्शित करते पाए गए हैं। निगम ने हर लोकेशन का रिकॉर्ड तैयार करना शुरू कर दिया है।
साइज के अनुसार तय होता है शुल्क
नगर निगम की ओर से विज्ञापनों का शुल्क उनकी साइज के अनुसार निर्धारित किया जाता है। राजस्व विभाग के अनुसार, वैध विज्ञापनों से हर साल 8 से 10 करोड़ रुपये की आय का अनुमान रहता है। लेकिन अवैध विज्ञापनों के चलते इस आय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
अधिकारी का बयान
विज्ञापन प्रभारी जितेंद्र कुमार ने कहा, “राजस्व में इजाफा करने के लिए हमारी टीम अवैध विज्ञापन और होर्डिंग दाताओं के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। विभाग से अनुमति लेने के बाद ही शहर में विज्ञापन की अनुमति दी जाती है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।”
