कोडीन कफ सिरप मामला: फर्जी रसीद पर चल रहा था कारोबार, जिस फर्म का नाम वहां कभी पहुंची ही नहीं सिरप
वाराणसी में कफ सिरप के अवैध व्यापार का बड़ा जाल उजागर हुआ है। जांच में करोड़ों के फर्जी बिल, 126 दवा फर्मों की भूमिका और सिरप की बिहार, झारखंड व बांग्लादेश तक सप्लाई के संकेत मिले हैं। अब तक 40 संचालकों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है और जांच जारी है।
वाराणसी: कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का जाल लगातार बड़ा होता जा रहा है। अब तक की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि करोड़ों रुपये के कफ सिरप के फर्जी बिल कई दवा फर्मों के नाम पर बनाए गए, लेकिन इन फर्मों के गोदामों में सिरप का एक भी बॉक्स नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से बिल हेराफेरी कर सरहद पार तक कफ सिरप भेजने का धंधा चला रहा था। शुरुआती जांच संकेत दे रही है कि इसका बड़ा हिस्सा बिहार, झारखंड से होते हुए बांग्लादेश तक पहुंचाया गया।
औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक कोडीन आधारित कफ सिरप का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है, लेकिन यहां पूरे दस्तावेजों में ऐसे गहरे फेरबदल पाए गए कि पूरा सिंडिकेट सामने आ गया। जांच में पता चला कि रांची की शैली ट्रेडर्स, राधिका इंटरप्राइजेज और कई अन्य फर्मों के नाम पर सिरप की खरीद-फरोख्त दिखाई गई थी। रिकॉर्ड में पुरना फार्मा और ओपी फार्मा (भदोही) जैसी फर्मों को सप्लाई दर्ज है, लेकिन साइट विजिट के दौरान संबंधित बैच की एक भी बोतल नहीं मिली।
ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने बताया कि सबसे बड़ी हैरानी यह है कि बिल मौजूद हैं, पर सिरप गायब है, जिससे इस अवैध नेटवर्क की गहराई का पता चलता है। जांच में कई कड़ियां जोड़ने के बाद भी अंतिम गंतव्य पर सिरप का कोई पता नहीं चल रहा।
जांच में अब तक 126 फर्में संदेह के दायरे में आ चुकी हैं, पहले 108 की पहचान हुई थी, जिसमे 18 नई फर्मों का नाम और जुड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या आगे और बढ़ सकती है क्योंकि गहन जांच जारी है।
इधर कार्रवाई भी तेज हो गई है। वाराणसी के कोतवाली थाने में 12 नए दवा फर्म संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले 28 फर्म संचालकों पर मुकदमे दर्ज हो चुके थे। अब कुल 40 दवा व्यापारी इस अवैध सिंडिकेट से जुड़े होने के शक में जांच के घेरे में आ चुके हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर का कहना है कि कोडीन युक्त सिरप की अवैध सप्लाई में शामिल सभी फर्मों पर इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी। टीम अन्य फर्मों, बिलों और सप्लाई चैन की गहराई से जांच कर रही है, और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे की उम्मीद है।
