काशी का बढ़ा गौरव: प्रो. श्यामसुंदर, प्रो. मंगला कपूर समेत BHU के तीन दिग्गजों को मिला पद्म सम्मान
काशी हिंदू विश्वविद्यालय और वाराणसी के लिए गर्व का क्षण है। आईएमएस बीएचयू के प्रो. श्यामसुंदर, संगीत विभाग की प्रो. मंगला कपूर और प्रसिद्ध वायलिन वादक प्रो. एन राजम को पद्म सम्मान से सम्मानित किया गया। जानें इन विभूतियों की उपलब्धियां और उनके योगदान की पूरी कहानी।
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और वाराणसी के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है। देश के प्रतिष्ठित पद्म सम्मानों में इस बार आईएमएस बीएचयू के प्रो. श्यामसुंदर, संगीत विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर मंगला कपूर और विश्वविख्यात वायलिन वादक प्रो. एन राजम को सम्मानित किया गया है।
इन विभूतियों को मिले सम्मान के बाद BHU परिसर से लेकर पूरे काशी क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल है। शिक्षा, चिकित्सा और संगीत के क्षेत्र में इनके दशकों लंबे योगदान को देश ने राष्ट्रीय सम्मान देकर सराहा है।
राष्ट्रपति भवन में मिला सम्मान, काशी का बढ़ा गौरव
आईएमएस बीएचयू के प्रो. श्यामसुंदर को चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्म सम्मान से नवाजा गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्वारा उन्हें सम्मान प्रदान किया गया।
प्रो. श्यामसुंदर ने वर्षों तक मेडिकल शिक्षा और मरीजों की सेवा में अहम भूमिका निभाई है। चिकित्सा क्षेत्र में उनके शोध और योगदान को देशभर में सराहा जाता रहा है।
संगीत साधना के लिए प्रो. मंगला कपूर को मिला पद्मश्री
बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय की वरिष्ठ प्रोफेसर मंगला कपूर को भारतीय संगीत के क्षेत्र में लंबे योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान दिया गया।
शास्त्रीय संगीत की दुनिया में उनका नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने न सिर्फ संगीत शिक्षा को नई दिशा दी, बल्कि कई पीढ़ियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत से जोड़ने का काम भी किया। सम्मान मिलने के बाद संगीत प्रेमियों और छात्रों में खास उत्साह देखने को मिला।
वायलिन की दुनिया की महान हस्ती प्रो. एन राजम को मिला पद्म विभूषण
विश्व प्रसिद्ध वायलिन वादक प्रो. एन राजम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनका योगदान अतुलनीय माना जाता है। प्रो. एन राजम ने वायलिन को हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में नई पहचान दिलाई। उनकी गायकी अंग शैली ने संगीत जगत में अलग मुकाम बनाया। देश-विदेश में उन्होंने भारतीय संगीत की प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है। उनके सम्मान को लेकर संगीत जगत में खुशी की लहर है।
BHU परिवार में खुशी की लहर
तीनों विभूतियों को पद्म सम्मान मिलने के बाद BHU परिसर में जश्न जैसा माहौल है। छात्रों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का पल बताया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की समृद्ध परंपरा और उत्कृष्टता का भी सम्मान है।
शिक्षा, चिकित्सा और संगीत में BHU की पहचान हुई और मजबूत
इन सम्मानों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि BHU देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में क्यों गिना जाता है। चाहे चिकित्सा हो, शिक्षा हो या भारतीय शास्त्रीय संगीत—काशी हिंदू विश्वविद्यालय ने हर क्षेत्र में देश को महान प्रतिभाएं दी हैं। पद्म सम्मान से नवाजे गए ये नाम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।
