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BHU में 28 से 30 जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, 'नयी चाल की हिन्दी' पर देश-विदेश के विद्वान करेंगे मंथन
 

 
BHU में 28 से 30 जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, 'नयी चाल की हिन्दी' पर देश-विदेश के विद्वान करेंगे मंथन
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वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग और अंतर सांस्कृतिक अध्ययन केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में वरिष्ठ हिन्दी आलोचक प्रो. नामवर सिंह की जन्मशती के अवसर पर 28 से 30 जुलाई 2026 तक 'नयी चाल की हिन्दी' विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन महामना सभागार, मालवीय मूल्य अनुशीलन केन्द्र में होगा, जिसमें देश-विदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, आलोचक, भाषाविद् और शोधकर्ता भाग लेंगे।

आयोजकों के अनुसार, दशकों बाद हिन्दी विभाग की ओर से इतने बड़े स्तर पर आयोजित की जा रही इस संगोष्ठी का उद्देश्य पिछले लगभग डेढ़ सौ वर्षों में हिन्दी भाषा और साहित्य की विकास यात्रा, उसकी उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का व्यापक मूल्यांकन करना है।

तीन दिनों तक चलने वाले विभिन्न अकादमिक सत्रों में हिन्दी भाषा, साहित्य, संस्कृति, आलोचना, अनुवाद, लोकपरंपरा, मीडिया और डिजिटल युग में हिन्दी के बदलते स्वरूप पर शोधपरक चर्चा होगी। साथ ही वैश्वीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल संचार और नए मीडिया के दौर में हिन्दी की बदलती भूमिका तथा भविष्य की दिशा पर भी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे।

संगोष्ठी में प्रस्तुत शोध-पत्रों का संकलन पुस्तक के रूप में राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन समकालीन हिन्दी जगत में गंभीर अकादमिक विमर्श का महत्वपूर्ण मंच बनेगा और इक्कीसवीं सदी में हिन्दी अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ स्थापित करेगा।

उद्घाटन सत्र में होंगे ये विशिष्ट अतिथि

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी करेंगे। इस अवसर पर कला संकाय की प्रमुख प्रो. सुषमा घिल्डियाल, आईएसीएलएलएस के पूर्व सचिव प्रो. हरीश त्रिवेदी तथा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) के सदस्य सचिव प्रो. धनंजय सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

देश-विदेश के विद्वान करेंगे सहभागिता

संगोष्ठी में टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान के कुलपति प्रो. बद्री नारायण, प्रो. माधव हाड़ा, उदयन वाजपेयी, प्रो. रविकांत, प्रो. रमण सिन्हा, प्रो. साधना नेथानी, प्रो. देवेन्द्र शर्मा (कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी), प्रो. इसाबेला हुआकूज़, प्रो. तिमसल मसूद (कोलंबिया विश्वविद्यालय), जोआना (वॉरसॉ विश्वविद्यालय, पोलैंड), अखिलेश, अरुण कमल, प्रो. सुधीर चन्द्र, सलिल मिश्रा, डी. वेंकेटराव, स्वाति गांगुली, अमिताभ राय सहित अनेक प्रतिष्ठित विद्वान और साहित्यकार अपने व्याख्यान एवं शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।