नौकरी का झांसा, फिर कैद कर टॉर्चर...वाराणसी में नेटवर्किंग कंपनी की आड़ में जालसाजी, 500 से ज्यादा युवक-युवतियां बंधक
Apr 20, 2026, 09:44 IST
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वाराणसी। वाराणसी में नेटवर्किंग कंपनी की आड़ में बड़े पैमाने पर ठगी और उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी का झांसा देकर 500 से अधिक युवक-युवतियों और नाबालिगों को यहां बुलाया गया और फिर उन्हें बंधक बनाकर रखा गया।
नौकरी के नाम पर जाल, फिर कैद
पीड़ितों के मुताबिक, उन्हें बेहतर नौकरी और मोटी सैलरी का लालच देकर बुलाया गया था। शुरुआत में उनसे ज्वाइनिंग के नाम पर 25 से 30 हजार रुपये तक वसूले गए। इसके बाद “ट्रेनिंग” के नाम पर उनका ब्रेनवॉश किया गया और फिर कमरों में बंद कर दिया गया। एक-एक कमरे में 20-25 लोगों को ठूंसकर रखा जाता था।
भूखा रखकर मारपीट, घर जाने पर रोक
युवकों का आरोप है कि उन्हें आधा पेट खाना दिया जाता था और विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। कई दिनों तक टॉर्चर के बाद भी उन्हें घर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। उल्टा, उनसे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों की लिस्ट बनवाकर नए लोगों को फंसाने का दबाव बनाया जाता था।
दोस्तों को भी बनाया निशाना
जालसाज इन नंबरों पर कॉल कर फर्जी कंपनी में नौकरी का झांसा देते और नए युवाओं को बुलाकर उन्हें भी इसी तरह बंधक बना लेते थे। इस तरह ठगी का नेटवर्क लगातार फैलाया जा रहा था।
पीड़ित पहुंचे पुलिस के पास
बिहार और झारखंड के कुछ युवक किसी तरह इस जाल से निकलकर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने कंपनी के स्टाफ पर मारपीट, अभद्रता और शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पहले भी 112 नंबर पर मदद मांगी थी, लेकिन समय पर राहत नहीं मिली। उल्टा, आरोप है कि उनकी शिकायत के बाद टॉर्चर और बढ़ा दिया गया।
छापा पड़ने से पहले फरार हुए आरोपी
मीडिया टीम जब मौके पर पहुंची तो आरोपी ताला लगाकर फरार हो चुके थे। हालांकि कुछ लोग अंदर मिले, लेकिन उन्होंने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नौकरी के नाम पर जाल, फिर कैद
पीड़ितों के मुताबिक, उन्हें बेहतर नौकरी और मोटी सैलरी का लालच देकर बुलाया गया था। शुरुआत में उनसे ज्वाइनिंग के नाम पर 25 से 30 हजार रुपये तक वसूले गए। इसके बाद “ट्रेनिंग” के नाम पर उनका ब्रेनवॉश किया गया और फिर कमरों में बंद कर दिया गया। एक-एक कमरे में 20-25 लोगों को ठूंसकर रखा जाता था।
भूखा रखकर मारपीट, घर जाने पर रोक
युवकों का आरोप है कि उन्हें आधा पेट खाना दिया जाता था और विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। कई दिनों तक टॉर्चर के बाद भी उन्हें घर जाने की अनुमति नहीं दी जाती थी। उल्टा, उनसे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों की लिस्ट बनवाकर नए लोगों को फंसाने का दबाव बनाया जाता था।
दोस्तों को भी बनाया निशाना
जालसाज इन नंबरों पर कॉल कर फर्जी कंपनी में नौकरी का झांसा देते और नए युवाओं को बुलाकर उन्हें भी इसी तरह बंधक बना लेते थे। इस तरह ठगी का नेटवर्क लगातार फैलाया जा रहा था।
पीड़ित पहुंचे पुलिस के पास
बिहार और झारखंड के कुछ युवक किसी तरह इस जाल से निकलकर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने कंपनी के स्टाफ पर मारपीट, अभद्रता और शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पहले भी 112 नंबर पर मदद मांगी थी, लेकिन समय पर राहत नहीं मिली। उल्टा, आरोप है कि उनकी शिकायत के बाद टॉर्चर और बढ़ा दिया गया।
छापा पड़ने से पहले फरार हुए आरोपी
मीडिया टीम जब मौके पर पहुंची तो आरोपी ताला लगाकर फरार हो चुके थे। हालांकि कुछ लोग अंदर मिले, लेकिन उन्होंने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
