वाराणसी में कांग्रेस-NSUI का बवाल, पीएम जनसंपर्क कार्यालय घेराव के दौरान पुलिस से तीखी झड़प
काशी में वीबी जी राम जी बिल और मनरेगा के विरोध में कांग्रेस व एनएसयूआई का प्रदर्शन उग्र हो गया। पीएम जनसंपर्क कार्यालय घेराव के दौरान पुलिस से झड़प हुई, 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
वाराणसी: वीबी जी राम जी बिल और मनरेगा के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन मंगलवार को उग्र हो गया। प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के घेराव के प्रयास के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने बल प्रयोग किया और 100 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता बैरिकेडिंग फांदकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कई कार्यकर्ताओं को सड़क पर घसीटा। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी को धक्का दिए जाने से वह जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस बल को सख्त निर्देश दिए कि यदि कोई जबरदस्ती करता है तो उसके खिलाफ आवश्यक बल प्रयोग किया जाए। इसके बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया गया, जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और ड्रोन से निगरानी भी की गई।
कांग्रेस के दो अलग-अलग प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और एनएसयूआई ने मंगलवार को अलग-अलग प्रदर्शन का ऐलान किया था। अजय राय 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत मार्च निकालने वाले थे। सुबह उनके आवास के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। सुबह करीब 10 बजे वे 50 कार्यकर्ताओं के साथ निकले, लेकिन टाउनहॉल चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद अजय राय गांधी प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए और उपवास शुरू किया।
दूसरा प्रदर्शन एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के घेराव का ऐलान किया था। कार्यकर्ताओं को बीएचयू के सिंह द्वार पर जुटने को कहा गया था। यहां से करीब तीन किलोमीटर दूर पीएम जनसंपर्क कार्यालय तक मार्च की तैयारी थी। हालात को देखते हुए बीएचयू और पीएम जनसंपर्क कार्यालय के आसपास करीब 500-500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। दोपहर तक 50 से ज्यादा कार्यकर्ता पहुंचे और नारेबाजी के साथ आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस से झड़प हो गई।
अजय राय का सरकार पर हमला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए लिखा कि वाराणसी में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई नेताओं और छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का काम कर रही है।
अजय राय ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि संविधान से मिले काम के अधिकार की गारंटी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी-योगी सरकार जानबूझकर मनरेगा को कमजोर कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार खत्म हो और गरीब मजदूर अपने अधिकारों से वंचित हो जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मनरेगा को पूरी मजबूती के साथ बहाल नहीं किया जाता, कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा।
