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तीन बार बम की झूठी कॉल, रेलवे में दहशत फैलाने वाला आरोपी मुंबई से गिरफ्तार

 
Jaunpur Accused Arrested
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वाराणसी: काशी-दादर एक्सप्रेस में बार-बार बम होने की झूठी सूचना देकर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में हड़कंप मचाने वाले आरोपी को आखिरकार जीआरपी ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान राजेश शुक्ला के रूप में हुई है, जो जौनपुर जनपद के मछलीशहर कोतवाली क्षेत्र स्थित दियावां महादेव का निवासी है। कैंट जीआरपी की टीम ने उसे मुंबई से ट्रांजिट रिमांड पर वाराणसी लाया है।

गुरुवार को कैंट स्टेशन स्थित जीआरपी थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में क्षेत्राधिकारी कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि आरोपी ने पहली बार 2 जून को मोबाइल फोन से जीआरपी कंट्रोल रूम, प्रयागराज में कॉल कर काशी-दादर एक्सप्रेस और एलटीटी-बलिया कामायनी एक्सप्रेस में बम होने की सूचना दी थी। मोबाइल नंबर के आधार पर उसे पकड़ा गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद वह जमानत पर रिहा हो गया।

जमानत पर बाहर आने के बाद भी आरोपी ने अपनी हरकतें नहीं छोड़ीं। 18 नवंबर को उसने दोबारा काशी-दादर एक्सप्रेस में बम होने की सूचना दी। ट्रेन की भदोही स्टेशन पर सघन तलाशी कराई गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इस बार आरोपी ने 15 अंकों के एक नंबर से कॉल किया, जिससे उसे ट्रेस करना मुश्किल हो गया।

इसके बाद 6 जनवरी को फिर काशी-दादर एक्सप्रेस में बम की सूचना मिलने पर मऊ स्टेशन पर ट्रेन की जांच कराई गई। सर्विलांस और कंट्रोल रूम के सीयूजी नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से जांच में सामने आया कि कॉल मुंबई के एक पीसीओ से की गई थी।

सूचना के आधार पर जीआरपी की टीम पीसीओ संचालक तक पहुंची, जिसने पुष्टि की कि राजेश शुक्ला वहां अक्सर फोन करने आता था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी को मुंबई के कनकिया मेन रोड स्थित वासुदेव पैराडाइज अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया, जहां वह कार्यरत था।

तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक डायरी भी बरामद हुई, जिसमें रेलवे और प्रशासन के कई प्रमुख अधिकारियों और कार्यालयों के नंबर दर्ज मिले हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी का मकसद क्या था और कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंस्पेक्टर रजोल नागर, एसआई प्रमोद कुमार यादव, सर्विलांस सेल से राधामोहन द्विवेदी, हेड कांस्टेबल ओंकारनाथ यादव, दुर्गेश खरवार और मनीष कुमार कश्यप शामिल रहे। मऊ की राजकीय रेलवे पुलिस भी जांच में सहयोग कर रही है।