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तिरंगा श्रृंगार में बाबा विश्वनाथ, 36 घंटे में 6 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

गणतंत्र दिवस पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में तिरंगा श्रृंगार आकर्षण का केंद्र बना रहा। बीते 36 घंटों में करीब 6 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

 
तिरंगा श्रृंगार में बाबा विश्वनाथ
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वाराणसी: श्री काशी विश्वनाथ धाम में इन दिनों आस्था, भक्ति और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर बीते 36 घंटों में करीब 6 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। पूरा धाम तिरंगा स्वरूप में सजा हुआ है, जहां हर ओर राष्ट्रभक्ति की भावना झलक रही है।

गणतंत्र दिवस पर बाबा विश्वनाथ को तिरंगे के रंगों में श्रृंगार कर भक्तों को दर्शन कराए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सोमवार सुबह दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लगी रही।

पांच द्वारों से दर्शन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने पांच द्वारों से दर्शन व्यवस्था लागू की है। वीकेंड और राष्ट्रीय अवकाश के चलते देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी पहुंच रहे हैं।

भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मंदिर मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वीआईपी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

तिरंगा स्वरूप में सोमवारीय रुद्राभिषेक

गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में धाम में होने वाले सभी धार्मिक अनुष्ठानों में भी राष्ट्रीय भावना की झलक साफ दिखाई दी। सोमवारीय रुद्राभिषेक के दौरान अविमुक्तेश्वर महादेव को राष्ट्रीय ध्वज के साथ अर्घ्य अर्पित किया गया। सभी आरतियों और श्रृंगार में तिरंगा थीम को प्रमुखता दी गई।

प्रशासन और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर सभी धार्मिक अनुष्ठान राष्ट्रीय भावना के अनुरूप संपन्न कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वहीं दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु राम नरेश ने कहा कि बाबा विश्वनाथ को तिरंगा स्वरूप में दर्शन करना अपने आप में एक अविस्मरणीय अनुभव है। यहां आकर भक्ति के साथ-साथ देश के प्रति गर्व की अनुभूति हो रही है।