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सावन 2026: काशी विश्वनाथ धाम में होगी महाकुंभ जैसी सुरक्षा व्यवस्था, ATS से लेकर ड्रोन तक रहेगा हाईटेक पहरा

सावन 2026 में काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा महाकुंभ की तर्ज पर होगी। पुलिस, अर्धसैनिक बल और ATS की संयुक्त तैनाती के साथ ड्रोन व CCTV से निगरानी की जाएगी। स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था, नई पार्किंग योजना और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

 
सावन 2026
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वाराणसी: सावन महीने में बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वाराणसी पुलिस ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया है। महाकुंभ मॉडल पर आधारित इस सुरक्षा योजना के तहत काशी विश्वनाथ धाम और आसपास के पूरे क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील किया जाएगा। पुलिस, अर्धसैनिक बल और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की संयुक्त तैनाती के साथ ड्रोन और अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली के जरिए पूरे परिसर पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी।

पुलिस कमिश्नर ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

सोमवार को पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने श्री काशी विश्वनाथ धाम और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा दोनों को प्राथमिकता देते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे दर्शन भी सुगम रहें और भीड़ प्रबंधन भी प्रभावी तरीके से हो सके।

स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था

सावन के दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें गेट संख्या-4 से प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग बनाई जाएगी, जिससे भीड़ नियंत्रित रहे और स्थानीय लोगों को नियमित दर्शन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पुलिस आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य दिनों में मंदिर के आसपास के रास्तों को अधिकतम खुला रखा जाएगा, ताकि स्थानीय व्यापार और दैनिक गतिविधियां प्रभावित न हों। केवल विशेष पर्वों और अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में ही अतिरिक्त बैरिकेडिंग लागू की जाएगी।

दर्शन के बाद भी मिलेगी बेहतर सुविधा

प्रशासन की योजना केवल सुरक्षित दर्शन तक सीमित नहीं है। श्रद्धालुओं को दर्शन के बाद मंदिर चौक क्षेत्र में भ्रमण, खरीदारी और स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने के लिए भी सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था को भी नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पार्किंग स्थल मंदिर से 500 मीटर से एक किलोमीटर के दायरे में ही विकसित किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को लंबी दूरी पैदल न चलनी पड़े।

गोदौलिया और मैदागिन मार्ग पर विशेष भीड़ प्रबंधन

सावन में सबसे अधिक दबाव गोदौलिया और मैदागिन मार्ग पर रहता है। इसे देखते हुए दोनों प्रमुख मार्गों पर विशेष जिग-जैग बैरियर लगाए जाएंगे। पुलिस आयुक्त ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, प्रभावी कतार प्रबंधन और आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि इस बार सावन की सभी तैयारियां महाकुंभ स्तर की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर की जा रही हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

ड्रोन और CCTV से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

पूरे सावन माह के दौरान मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर हाईटेक निगरानी प्रणाली लागू रहेगी। सुरक्षा एजेंसियां CCTV कैमरों, ड्रोन सर्विलांस और अन्य आधुनिक तकनीकों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखेंगी।

संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस के साथ अर्धसैनिक बल और ATS की संयुक्त तैनाती की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने के लिए विशेष कंट्रोल सिस्टम भी सक्रिय रहेगा।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि सावन में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बहुस्तरीय बनाया गया है। उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सहज दर्शन का अनुभव मिले तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।