Movie prime

NEET UG 2026 में काशी के आर्यन दुबे का जलवा, देश में 7वीं और UP में पहली रैंक हासिल की
 

 
 NEET UG 2026 में काशी के आर्यन दुबे का जलवा, देश में 7वीं और UP में पहली रैंक हासिल की
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी। काशी की धरती के मेधावी छात्र आर्यन दुबे ने NEET UG 2026 में शानदार सफलता हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आर्यन ने 720 में से 710 अंक प्राप्त कर देश में सातवीं और उत्तर प्रदेश में पहली रैंक हासिल की है। उनकी सफलता की खबर सामने आने के बाद से ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

आर्यन दुबे IIT BHU के बायोकेमिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर और संस्थान के पूर्व डीन (शोध एवं विकास) डॉ. विकास कुमार दुबे के पुत्र हैं। देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल NEET UG 2026 में 24 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। आर्यन अब AIIMS नई दिल्ली में MBBS में प्रवेश लेकर अपने सपने को पूरा करने के लिए उत्साहित हैं। उनका लक्ष्य न्यूरो सर्जन बनकर चिकित्सा क्षेत्र में कुशल चिकित्सक और शोध वैज्ञानिक के रूप में काम करना है।

आर्यन ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main में भी 99.699 पर्सेंटाइल हासिल किया था, लेकिन उन्होंने मेडिकल क्षेत्र को अपना करियर चुना। आर्यन का कहना है कि यह सफलता पिछले दो-तीन वर्षों की लगातार मेहनत का परिणाम है। उन्होंने Delhi Public School से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। 10वीं में 97.2 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल टॉपर रहे, जबकि 12वीं में 98.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में दूसरा स्थान और विज्ञान वर्ग में टॉप किया।

कोचिंग में रोजाना 5 से 6 घंटे पढ़ाई करने के बाद आर्यन घर पर भी 7 से 8 घंटे नियमित अध्ययन करते थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां डॉ. मोनू पांडेय, पिता प्रो. विकास कुमार दुबे, आकाश कोचिंग के शिक्षकों और होम ट्यूटर आरिफ खान सर को दिया।

दादाजी से मिली डॉक्टर बनने की प्रेरणा

आर्यन को चिकित्सक बनने की प्रेरणा अपने दादाजी से मिली, जो स्वयं रिटायर्ड सर्जन हैं। आर्यन के दादा-दादी बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में रहते हैं।

बेटे की सफलता के लिए मां ने करियर से लिया ब्रेक

आर्यन की मां डॉ. मोनू पांडेय का भी शानदार अकादमिक रिकॉर्ड रहा है। उन्होंने IMS BHU से मॉलिक्यूलर बायोलॉजी में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने के बाद वैज्ञानिक के रूप में अपना करियर शुरू किया था। हालांकि, बच्चों के करियर और उनकी देखभाल के लिए उन्होंने कुछ समय के लिए अपने करियर से ब्रेक ले लिया।

पहले NEET में मिले थे 215 अंक

आर्यन ने इससे पहले रद्द की गई NEET परीक्षा में 220 में से 215 अंक हासिल किए थे। इस बार उनके अंक पांच कम होकर 210 रहे, लेकिन बेहतर रैंक हासिल हुई। परीक्षा परिणाम में चौथी से सातवीं रैंक तक के अभ्यर्थियों के अंक समान रहे। टाई-ब्रेक नियम के तहत आर्यन को सातवीं रैंक मिली।

परीक्षा रद्द होने से निराश हो गए थे आर्यन

आर्यन के पिता प्रो. विकास कुमार दुबे ने बताया कि पहले हुई NEET परीक्षा में 220 में से 215 अंक हासिल करने के बाद परीक्षा रद्द होने से आर्यन काफी निराश हो गए थे। ऐसे समय में कोचिंग के विष्णु देव तिवारी, आनंद पांडेय, प्रवीण, इफ्तिखार और पूरी फैकल्टी ने उन्हें लगातार सहयोग और संबल दिया।

उन्होंने फिजिक्स में मार्गदर्शन के लिए आरिफ सर का भी आभार जताया। प्रो. दुबे ने बताया कि आर्यन ने केमिस्ट्री और फिजिक्स में पूरे 180 में 180 अंक हासिल किए, जबकि बायोलॉजी में केवल दो प्रश्न गलत हुए।