काशी के छोटे लाल यादव को मिलेगा द्रोणाचार्य सम्मान, मैरीकॉम के लंबे समय तक रहे व्यक्तिगत कोच
वाराणसी। काशी के लिए गर्व का क्षण है। कंदवा पोखरा, पहाड़ी गेट क्षेत्र निवासी पूर्व राष्ट्रीय मुक्केबाज और अनुभवी प्रशिक्षक छोटे लाल यादव को उनके उत्कृष्ट कोचिंग योगदान के लिए प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। भारत सरकार की ओर से राष्ट्रपति उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी।
छोटे लाल यादव ने पहले रिंग में मुक्केबाज के रूप में अपनी पहचान बनाई और राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन रहे। इसके बाद उन्होंने प्रशिक्षण के क्षेत्र में कदम रखा और भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम के कोच की जिम्मेदारी संभाली। वह विश्व प्रसिद्ध मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम के लंबे समय तक व्यक्तिगत कोच भी रहे हैं। मैरीकॉम के साथ उनके लंबे प्रशिक्षण जुड़ाव ने उन्हें देश के प्रमुख बॉक्सिंग प्रशिक्षकों में पहचान दिलाई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग के लिए छोटे लाल यादव ने एआईबीए 2-स्टार कोच की मान्यता भी हासिल की है। उनके प्रशिक्षण अनुभव और खिलाड़ियों को तैयार करने में योगदान को देखते हुए पहले भी उनका नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया जा चुका है। वर्ष 2020 में बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उनका नाम खेल मंत्रालय को भेजा था।
कोचों के लिए सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान
द्रोणाचार्य पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1985 में हुई थी। यह सम्मान उन प्रशिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने खिलाड़ियों को तैयार कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। पुरस्कार में प्रतिमा, प्रमाणपत्र, औपचारिक पोशाक और नकद राशि प्रदान की जाती है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार नियमित श्रेणी में 10 लाख रुपये और आजीवन योगदान श्रेणी में 15 लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है।
मैरीकॉम के साथ रहा लंबा प्रशिक्षण संबंध
छोटे लाल यादव का नाम एमसी मैरीकॉम के लंबे प्रशिक्षण सफर से भी जुड़ा रहा है। वर्ष 2019-20 में बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें भारतीय महिला मुक्केबाजी टीम के सहायक कोच के रूप में द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया था। उस समय उनके साथ राष्ट्रीय महिला कोच मोहम्मद अली क़मर का नाम भी भेजा गया था।
काशी के खेल जगत में खुशी
छोटे लाल यादव को द्रोणाचार्य सम्मान मिलने की खबर से वाराणसी के खेल जगत में खुशी की लहर है। जिला ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष डॉ. एके सिंह, जिला मुक्केबाजी संघ की अध्यक्ष डॉ. नीलू मिश्रा और उपाध्यक्ष केबी रावत समेत खेल जगत से जुड़े लोगों ने उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई है।
पदाधिकारियों का कहना है कि छोटे लाल यादव की उपलब्धि न सिर्फ वाराणसी बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए गौरव का विषय है। वाराणसी लौटने पर उनका भव्य स्वागत किए जाने की भी तैयारी है।
छोटे लाल यादव की यह उपलब्धि उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी, जो काशी में प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सपना देख रहे हैं। उनके लंबे प्रशिक्षण अनुभव और भारतीय महिला टीम तथा मैरीकॉम के साथ जुड़ाव ने काशी का नाम भारतीय मुक्केबाजी के नक्शे पर और मजबूत किया है।
