विश्वविद्यालय स्तरीय भाषण प्रतियोगिता में काशी विद्यापीठ की खुशी मिश्रा अव्वल, इन्नमा खान दूसरे स्थान पर
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बुधवार को ‘विकसित भारत की संकल्पना अथवा सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं’ विषय पर विश्वविद्यालय स्तरीय भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय से संबद्ध 19 महाविद्यालयों के 70 विजेता विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण पक्षों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की। अपने संबोधन में उन्होंने अखंड भारत की अवधारणा पर भी विशेष जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति नामित प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल ने की। उन्होंने देश की मजबूत होती आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए युवाओं को देश का आधार और भविष्य का नेतृत्वकर्ता बताया।
प्रतियोगिता में काशी विद्यापीठ की छात्रा खुशी मिश्रा ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं काशी विद्यापीठ की ही इन्नमा खान दूसरे स्थान पर रहीं। राजकीय महिला महाविद्यालय, सैयदराजा, चंदौली की दिव्य ज्योति पांडेय ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज के अरिहंत श्रीवास्तव और सत्य आलोक रंजन को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. नलिनी श्याम कामिल, प्रो. नंदिनी सिंह और प्रो. आनंद शंकर चौधरी शामिल रहे।
कार्यक्रम में प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी डॉ. रवीन्द्र कुमार गौतम ने स्वागत भाषण दिया। संचालन डॉ. अंजना वर्मा और डॉ. अंजू सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन मानविकी संकाय के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र ने किया।
इस मौके पर कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक डॉ. अंबरीश राय, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी एवं संयुक्त उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. ज्ञान प्रकाश वर्मा सहित विश्वविद्यालय के कई शिक्षक और अधिकारी मौजूद रहे।
