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काशी में महान संगीतज्ञ मुथुस्वामी दीक्षितर को अनोखा सम्मान! निर्मला सीतारमण ने जारी किया 250 रुपये का स्मारक सिक्का
 

 
 काशी में महान संगीतज्ञ मुथुस्वामी दीक्षितर को अनोखा सम्मान! निर्मला सीतारमण ने जारी किया 250 रुपये का स्मारक सिक्का
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वाराणसी। कर्नाटक शास्त्रीय संगीत के महान संगीतज्ञ मुथुस्वामी दीक्षितर की 250वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दीक्षितर के सम्मान में 250 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। यह आयोजन आईआईटी बीएचयू के भारतीय ज्ञान परंपरा उत्कृष्टता केंद्र (सीओई-आईकेएस) की ओर से स्वतंत्रता भवन में किया गया।

समारोह में शामिल होने पहुंचीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुथुस्वामी दीक्षितर के भारतीय शास्त्रीय संगीत में योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2:15 बजे हुई।

इस अवसर पर कर्नाटक संगीत की विशेषज्ञ एवं शोधकर्ता डॉ. सुमित्रा वासुदेव ने शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति देकर महान संगीतज्ञ को स्वरांजलि अर्पित की। समारोह का उद्देश्य मुथुस्वामी दीक्षितर की संगीत साधना, उनकी रचनाओं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत में उनके योगदान को सम्मानित करना रहा।

कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति में शामिल थे दीक्षितर

मुथुस्वामी दीक्षितर भारतीय शास्त्रीय संगीत की कर्नाटक परंपरा के प्रमुख संगीतज्ञों में गिने जाते हैं। त्यागराज और श्यामा शास्त्री के साथ उन्हें कर्नाटक संगीत की त्रिमूर्ति में स्थान प्राप्त है। तीनों महान संगीतज्ञों में दीक्षितर सबसे कम उम्र के थे।

उनकी रचनाओं में संस्कृत भाषा, भारतीय दर्शन, आध्यात्मिक चिंतन और शास्त्रीय रागों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने अपने जीवनकाल में लगभग 450 से 500 संगीत रचनाएं तैयार कीं, जिनमें से अनेक आज भी शास्त्रीय संगीत समारोहों में प्रस्तुत की जाती हैं।

काशी से भी रहा दीक्षितर का विशेष जुड़ाव

मुथुस्वामी दीक्षितर का वाराणसी से भी गहरा संबंध रहा है। उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय काशी में बिताया था। इस दौरान भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और संगीत साधना का उनके व्यक्तित्व एवं रचनाओं पर गहरा प्रभाव पड़ा।

उन्होंने देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्राएं कीं और वहां के मंदिरों तथा देवी-देवताओं पर आधारित अनेक संगीत रचनाएं कीं। उनकी रचनाएं आज भी भारतीय संगीत और आध्यात्मिक विरासत की महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती हैं।

35 ग्राम वजन का है विशेष स्मारक सिक्का

मुथुस्वामी दीक्षितर के सम्मान में जारी 250 रुपये के स्मारक सिक्के का निर्माण भारत सरकार की मुंबई टकसाल में किया गया है। इसका वजन 35 ग्राम है। इसमें 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा और पांच-पांच प्रतिशत निकल एवं जस्ता शामिल हैं। यह सिक्का सामान्य प्रचलन के लिए नहीं है, बल्कि संग्रहकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।