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विज्ञान, तकनीक और राष्ट्र निर्माण पर BHU में महामंथन: उद्घाटन सत्र में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, देशभर के 1200 वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जुटे

काशी हिंदू विश्वविद्यालय में विज्ञान भारती का 7वां राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। दो दिवसीय कार्यक्रम में देश-विदेश से 1200 वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद और विशेषज्ञ विज्ञान, नवाचार, तकनीक और राष्ट्रीय विकास पर मंथन कर रहे हैं।
 
BHU
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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में विज्ञान, नवाचार और राष्ट्रीय विकास पर मंथन का बड़ा मंच सज गया है। विज्ञान भारती और वैदिक विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्य आतिथ्य में हो रहा है। उद्घाटन सत्र में देशभर से आए वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद और विशेषज्ञ बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

दो दिवसीय यह राष्ट्रीय अधिवेशन विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की दिशा और भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा का केंद्र बन रहा है। कार्यक्रम में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और राष्ट्रीय विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

देश-विदेश से पहुंचे 1200 प्रतिनिधि

अधिवेशन में देश और विदेश से करीब 1200 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इनमें विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं।

प्रतिनिधि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नए आयामों, भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों, अनुसंधान की संभावनाओं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में विज्ञान की भूमिका पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।

उद्घाटन सत्र में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद

उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हैं। वहीं भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हैं।

कार्यक्रम में विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष और इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी (INSA), नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. शेखर सी. मांडे भी मौजूद हैं। उनके साथ देश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद मंच साझा कर रहे हैं।

विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा पर विशेष चर्चा

अधिवेशन में आधुनिक विज्ञान के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक विज्ञान, स्वास्थ्य, पर्यावरण, तकनीकी नवाचार और अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणाली और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। इसी उद्देश्य से विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा और मंथन किया जा रहा है।

राष्ट्रीय विज्ञान आंदोलन का बड़ा मंच

विज्ञान भारती को भारत के सबसे बड़े विज्ञान आंदोलनों में से एक माना जाता है। ऐसे में BHU में आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन वैज्ञानिक समुदाय, शोध संस्थानों और नीति-निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण मंच बन गया है।

अधिवेशन के दौरान विज्ञान आधारित राष्ट्र निर्माण, तकनीकी आत्मनिर्भरता, शोध संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को विज्ञान से जोड़ने जैसे विषयों पर भी व्यापक चर्चा हो रही है।

विज्ञान आधारित विकसित भारत पर मंथन

कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में विज्ञान और तकनीक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। यही कारण है कि अधिवेशन में नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाला यह अधिवेशन विज्ञान, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में नई दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है।