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वाराणसी कैंट की मतदाता सूची में सपा ने लगाया गड़बड़ी का आरोप, चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग

 
वाराणसी कैंट की मतदाता सूची में सपा ने लगाया गड़बड़ी का आरोप, चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग
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वाराणसी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बावजूद वाराणसी की कैंटोमेंट विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में गंभीर खामियां सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी ने विधानसभा वार मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया का अवलोकन शुरू करते हुए कई त्रुटियों का खुलासा किया है। सपा ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची में नाम और पते मलयालम एवं गुजराती भाषा में छपे हैं, कई मतदाताओं के नाम दोहराए गए हैं, कहीं मकान नंबर दर्ज नहीं हैं तो कहीं मतदाता की फोटो तक गायब है। पार्टी ने इन गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त से शिकायत कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को मामले में चुनाव आयोग को पत्र भेजने के निर्देश दिए। लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में अखिलेश यादव ने वाराणसी कैंटोनमेंट विधानसभा की मतदाता सूची में पाई गई खामियों को सार्वजनिक करते हुए कहा कि ऐसी त्रुटियां मतदाताओं को मतदान से वंचित कर सकती हैं।

सपा द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथ संख्या 145 पर मतदाता क्रम संख्या 73 का नाम और पता मलयालम भाषा में प्रिंट है। पार्टी का कहना है कि वर्ष 2025 की मतदाता सूची में भी यही त्रुटि दर्ज थी, लेकिन शिकायत के बावजूद 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में इसे सुधारा नहीं गया। इसी बूथ पर एक अन्य मतदाता का नाम और पता गुजराती भाषा में दर्ज होने का भी आरोप लगाया गया है।

इसके अलावा बूथ संख्या 268 पर मतदाता क्रम संख्या 975, 977 और 978 पर एक ही मतदाता का नाम बार-बार दर्ज मिला। बूथ संख्या 136 में कई मतदाताओं के मकान नंबर गायब पाए गए, जबकि बूथ संख्या 144 में क्रम संख्या 1 से 196 तक सभी मतदाताओं का मकान नंबर ‘जीरो’ दर्ज है। इसी बूथ पर एक मतदाता की फोटो भी प्रिंट नहीं होने की शिकायत की गई है।

सपा ने यह भी आरोप लगाया कि बूथ संख्या 241 और बूथ संख्या 167 में एक ही मतदाता का नाम अलग-अलग क्रम संख्या पर दर्ज है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में बड़ी संख्या में डुप्लीकेट, मृतक, अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम शामिल हैं, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।

सपा नेताओं ने कहा कि 27 अक्टूबर 2025 को एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश को लिखित शिकायत भेजी गई थी, लेकिन इसके बावजूद त्रुटियों में सुधार नहीं हुआ। पार्टी ने मांग की है कि मतदाता सूची की तत्काल जांच कराकर सभी गड़बड़ियों को दूर किया जाए, ताकि प्रत्येक मतदाता बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।