BHU ट्रॉमा सेंटर में बड़ी लापरवाही: गलत मरीज का ऑपरेशन, ट्यूमर की जगह पैर की सर्जरी, महिला की मौत
Apr 15, 2026, 10:39 IST
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वाराणसी: बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (Banaras Hindu University) के Institute of Medical Sciences BHU (IMS-BHU) के ट्रॉमा सेंटर में बड़ी मेडिकल लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां एक 71 वर्षीय महिला का गलत ऑपरेशन कर दिया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई।
एक ही नाम के चलते हुई बड़ी गलती
जानकारी के मुताबिक, ट्रॉमा सेंटर में राधिका नाम की दो मरीज भर्ती थीं। एक मरीज स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर से पीड़ित थी।
दूसरी मरीज के पैर में फ्रैक्चर था
7 मार्च को डॉक्टरों की टीम फ्रैक्चर वाले मरीज का ऑपरेशन करने पहुंची, लेकिन गलती से ट्यूमर वाली मरीज को ही ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया।
ऑपरेशन के दौरान खुली पोल
जब डॉक्टरों ने सर्जरी शुरू की और पैर में फ्रैक्चर नहीं मिला, तब उन्हें शक हुआ कि गलत मरीज का ऑपरेशन हो रहा है। इसके बाद जल्दबाजी में ऑपरेशन रोककर महिला की जांघ को सिल दिया गया और उसे बाहर भेज दिया गया।
बाद में 18 मार्च को महिला की न्यूरो सर्जरी की गई, लेकिन हालत बिगड़ती गई और 27 मार्च को उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
महिला बलिया की रहने वाली थी। उनके पोते मृत्युंजय पाल ने इस मामले की शिकायत Ajit Kumar Chaturvedi (कुलपति) SN Sankhwar (निदेशक) से की। शिकायत के बाद मामले की जांच में लापरवाही की पुष्टि हुई।
जांच कमेटी पर भी उठे सवाल
हैरानी की बात यह रही कि जिस डॉक्टर की टीम पर लापरवाही का आरोप था, उसी टीम के प्रमुख प्रो. अमित रस्तोगी को पहले जांच कमेटी का अध्यक्ष बना दिया गया।
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उन्हें हटाकर नई अध्यक्षता सौंपी गई है और अब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जांच जारी, कार्रवाई का इंतजार
आईएमएस-बीएचयू प्रशासन ने 4 सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 10 दिनों में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई है।
एक ही नाम के चलते हुई बड़ी गलती
जानकारी के मुताबिक, ट्रॉमा सेंटर में राधिका नाम की दो मरीज भर्ती थीं। एक मरीज स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर से पीड़ित थी।
दूसरी मरीज के पैर में फ्रैक्चर था
7 मार्च को डॉक्टरों की टीम फ्रैक्चर वाले मरीज का ऑपरेशन करने पहुंची, लेकिन गलती से ट्यूमर वाली मरीज को ही ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया।
ऑपरेशन के दौरान खुली पोल
जब डॉक्टरों ने सर्जरी शुरू की और पैर में फ्रैक्चर नहीं मिला, तब उन्हें शक हुआ कि गलत मरीज का ऑपरेशन हो रहा है। इसके बाद जल्दबाजी में ऑपरेशन रोककर महिला की जांघ को सिल दिया गया और उसे बाहर भेज दिया गया।
बाद में 18 मार्च को महिला की न्यूरो सर्जरी की गई, लेकिन हालत बिगड़ती गई और 27 मार्च को उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
महिला बलिया की रहने वाली थी। उनके पोते मृत्युंजय पाल ने इस मामले की शिकायत Ajit Kumar Chaturvedi (कुलपति) SN Sankhwar (निदेशक) से की। शिकायत के बाद मामले की जांच में लापरवाही की पुष्टि हुई।
जांच कमेटी पर भी उठे सवाल
हैरानी की बात यह रही कि जिस डॉक्टर की टीम पर लापरवाही का आरोप था, उसी टीम के प्रमुख प्रो. अमित रस्तोगी को पहले जांच कमेटी का अध्यक्ष बना दिया गया।
हालांकि विवाद बढ़ने के बाद उन्हें हटाकर नई अध्यक्षता सौंपी गई है और अब रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जांच जारी, कार्रवाई का इंतजार
आईएमएस-बीएचयू प्रशासन ने 4 सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर 10 दिनों में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात कही गई है।
