13 साल बाद मिला इंसाफ, चोलापुर में चार लोगों की हत्या करने वाले को मिली फांसी की सजा
Mar 25, 2026, 21:18 IST
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वाराणसी: जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र में 13 साल पहले हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी रविन्द्र उर्फ राजू को बुधवार को फांसी की सजा सुनाई गई। यह मामला एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।
अदालत का सख्त रुख: ‘यह सामान्य मामला नहीं’
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह कोई सामान्य हत्या का मामला नहीं है। आरोपी ने पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।
कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में रखते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर जुर्माना भी लगाया गया, जिसकी राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
एडीजीसी रोहित मौर्य के अनुसार, इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सजा दी गई है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 29 अक्टूबर 2013 की रात चोलापुर थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में हुई थी।
जल निगम के ऑपरेटर मोहनलाल जायसवाल के घर के पीछे बाग में अक्सर जुआ और शराब का अड्डा लगता था, जिसमें आरोपी राजू भी शामिल था। मोहनलाल ने इस बात की शिकायत उसके घर पर की, जिससे नाराज होकर राजू ने बदला लेने की ठान ली।
लोहे की रॉड से एक-एक कर किया हमला
घटना वाली रात आरोपी छत के रास्ते घर में घुसा और सबसे पहले मोहनलाल जायसवाल पर लोहे की रॉड से हमला किया। इसके बाद उसने उनकी पत्नी झूना देवी, बेटी पूजा और बेटे प्रदीप पर भी हमला कर चारों की हत्या कर दी।
इस हमले में बेटा संदीप गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसने बाद में आरोपी की पहचान की।
सबूत मिटाने की कोशिश, फिर भी नहीं बच पाया
वारदात के बाद आरोपी छत से कूदकर भागा, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। इसके बावजूद वह भीड़ में शामिल हो गया और बाद में घर जाकर खून से सने कपड़े जला दिए। शक से बचने के लिए उसने अस्पताल में इलाज भी कराया, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
फैसले के बाद गांव में दहशत
इस मामले में फैसला आने के बाद गांव में एक बार फिर उस खौफनाक घटना की यादें ताजा हो गई हैं। स्थानीय लोगों में दहशत और चर्चा का माहौल है।
अदालत का सख्त रुख: ‘यह सामान्य मामला नहीं’
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह कोई सामान्य हत्या का मामला नहीं है। आरोपी ने पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।
कोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में रखते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर जुर्माना भी लगाया गया, जिसकी राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
एडीजीसी रोहित मौर्य के अनुसार, इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सजा दी गई है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 29 अक्टूबर 2013 की रात चोलापुर थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव में हुई थी।
जल निगम के ऑपरेटर मोहनलाल जायसवाल के घर के पीछे बाग में अक्सर जुआ और शराब का अड्डा लगता था, जिसमें आरोपी राजू भी शामिल था। मोहनलाल ने इस बात की शिकायत उसके घर पर की, जिससे नाराज होकर राजू ने बदला लेने की ठान ली।
लोहे की रॉड से एक-एक कर किया हमला
घटना वाली रात आरोपी छत के रास्ते घर में घुसा और सबसे पहले मोहनलाल जायसवाल पर लोहे की रॉड से हमला किया। इसके बाद उसने उनकी पत्नी झूना देवी, बेटी पूजा और बेटे प्रदीप पर भी हमला कर चारों की हत्या कर दी।
इस हमले में बेटा संदीप गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसने बाद में आरोपी की पहचान की।
सबूत मिटाने की कोशिश, फिर भी नहीं बच पाया
वारदात के बाद आरोपी छत से कूदकर भागा, जिससे उसके पैर में चोट लग गई। इसके बावजूद वह भीड़ में शामिल हो गया और बाद में घर जाकर खून से सने कपड़े जला दिए। शक से बचने के लिए उसने अस्पताल में इलाज भी कराया, लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
फैसले के बाद गांव में दहशत
इस मामले में फैसला आने के बाद गांव में एक बार फिर उस खौफनाक घटना की यादें ताजा हो गई हैं। स्थानीय लोगों में दहशत और चर्चा का माहौल है।
