Movie prime

मनीष सिंह हत्याकांड: चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, कोर्ट ने माना गंभीर मामला

 
manish Singh
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी। फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में व्यापारी मनीष सिंह की हत्या के मामले में जेल में बंद चार आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने हत्या और गैंगेस्टर एक्ट के मामले में बंद चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।

चार आरोपियों ने लगाई थी जमानत की गुहार

मामले में आरोपी नागेंद्र राजभर, गोविंद राजभर, आशीष राजभर और मनीष राजभर ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जमानत के लिए आवेदन किया था। सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता और वादी पक्ष के अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह ने जमानत का विरोध किया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।

हत्या और गैंगेस्टर एक्ट में दर्ज है मुकदमा

अभियोजन पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने जातीय विद्वेष और पुरानी रंजिश के चलते मनीष सिंह की हत्या की थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष राजभर समेत 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बाद उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम (गैंगेस्टर एक्ट) के तहत भी कार्रवाई की है।

पुलिस का दावा है कि यह हत्या सुनियोजित तरीके से गैंग बनाकर अंजाम दी गई थी।

क्या हुआ था 26 अप्रैल की रात?

ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, 26 अप्रैल की देर रात मनीष सिंह अपनी फैक्ट्री से कार द्वारा घर लौट रहे थे। घमहापुर गांव के पास उनकी कार की चपेट में बिंदु प्रजापति नामक महिला आ गई, जिससे वह घायल हो गई।

बताया जाता है कि मनीष सिंह ने वाहन रोककर महिला को अस्पताल पहुंचाने और इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही। इस दौरान आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, लेकिन स्थिति शांत होने के बजाय विवाद में बदल गई।

मृतक के चाचा अरुण सिंह के अनुसार, कुछ लोगों ने मनीष सिंह को घेर लिया और उनकी कार में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसके बाद उन पर ईंट-पत्थरों से हमला किया गया।

सड़क पर तड़पते रहे कारोबारी

परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने मनीष सिंह की बेरहमी से पिटाई की। वह खुद को बचाने और छोड़ देने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हमलावर नहीं माने। गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उनकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और बाद में गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की।

फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।