Movie prime

काशी में जीवित होंगी स्वामी विवेकानंद की स्मृतियां, एलटी कॉलेज परिसर में बनेगा भव्य स्मृति भवन
 

 
 काशी में जीवित होंगी स्वामी विवेकानंद की स्मृतियां, एलटी कॉलेज परिसर में बनेगा भव्य स्मृति भवन
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी। स्वामी विवेकानंद का काशी से गहरा जुड़ाव रहा है। वह अपने जीवन में पांच बार वाराणसी आए थे और इस पावन नगरी के प्रति अपने लगाव का उल्लेख भी उन्होंने अपनी रचनाओं में किया है। अब उनकी स्मृतियों को संजोने के लिए योगी सरकार काशी में एक भव्य स्मृति भवन बनाने की तैयारी कर रही है।

प्रस्तावित स्मृति भवन का निर्माण अर्दली बाजार स्थित एलटी कॉलेज परिसर में किया जाना है। यही वह स्थान है, जहां स्वामी विवेकानंद अपने जीवन के अंतिम दिनों में करीब दो महीने तक रहे थे। इस ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे स्मारक के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। भवन में उनके वाराणसी प्रवास से जुड़ी तस्वीरें और महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदर्शित की जाएंगी।

एलटी कॉलेज परिसर में स्थित गोपाल दास विला, जो कभी लगभग 25 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में फैला हुआ था, आज खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस परिसर में पहले 35 कमरे और हाल मौजूद थे। साथ ही यहां 23.66 एकड़ क्षेत्र में सैकड़ों प्रकार के फलदार और अन्य पेड़-पौधे लगे थे। वर्तमान में परिसर में DIOS कार्यालय, संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय और राजकीय पुस्तकालय संचालित हो रहे हैं। इसके पीछे ‘अक्षय पात्र’ रसोई भी संचालित है, जहां से स्कूलों में मिड-डे मील भेजा जाता है।

इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. महेंद्र देव ने वाराणसी मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में एलटी कॉलेज की कुल भूमि, उपलब्ध खाली या अनुपयोगी जमीन और इस बात की जानकारी मांगी गई है कि स्मृति भवन के निर्माण से शैक्षणिक गतिविधियों पर कोई प्रभाव न पड़े।

सरकार की इस पहल को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे काशी में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक जानकारी मिल सकेगी।